हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हमीरपुर सदर विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर पलटवार करते हुए कहा है कि यदि उनके लगाए भ्रष्टाचार के आरोप गलत या तथ्यहीन हैं तो सरकार उनके खिलाफ मानहानि का दावा कर सकती है। उनका यह बयान उनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर के बाद सामने आया है।
आशीष शर्मा ने कहा कि विपक्षी विधायक होने के नाते सरकार की कमियों और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज आगे भी जारी रहेगी। विधायक के अनुसार, जिन मामलों को लेकर वह सवाल उठा रहे हैं, उनके पास अपने आरोपों से जुड़े तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं।
विधायक ने कहा कि सरकार के पास अब करीब 10 से 11 महीने का समय बचा है और वह जितनी जांच करवाना चाहे करवा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से भी किसी मामले में कार्रवाई करने से पहले तथ्यों की तसल्ली करने की बात कही। आशीष शर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस कार्रवाई और एफआईआर से वह डरने वाले नहीं हैं तथा आगे भी जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।
गौरतलब है कि बुधवार को हमीरपुर के गांधी चौक पर भाजपा की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष रैली और धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री और सरकार पर कई आरोप लगाते हुए जमीन की खरीद-फरोख्त, हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण और रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद एपीएमसी हमीरपुर के अध्यक्ष अजय शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, मामले में शिकायत मिली है और सदर थाना पुलिस जांच कर रही है। एफआईआर दर्ज होना जांच की शुरुआत है और लगाए गए आरोपों तथा शिकायत में दर्ज तथ्यों की वास्तविक स्थिति जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में स्पष्ट होगी। कांग्रेस नेताओं की ओर से भी आशीष शर्मा से उनके आरोपों के समर्थन में तथ्य सामने रखने की मांग की गई है।



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