Kangra: 30 जून को टांडा मेडिकल कॉलेज का दौरा करेंगे सीएम सुखविंदर सुक्खू, स्वास्थ्य सुधारों की नई दिशा तय

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 30 जून को डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा का दौरा करेंगे। इस अवसर पर संस्थान में कार्यान्वित की जा रही योजनाओं एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। मुख्यमंत्री इस दौरान चिकित्सकीय संकाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगे। यह दौरा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है, जिसमें मुख्यमंत्री सीधे चिकित्सकों से बातचीत कर स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने के उपाय सुनिश्चित करना चाहते हैं।

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मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य के अस्पतालों में उपयोग हो रहे 20 वर्ष से अधिक पुराने सभी चिकित्सा उपकरणों और मशीनों को एक वर्ष की अवधि के भीतर बदला जाए। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने और आधुनिक चिकित्सा तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार ने चमियाणा में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा की शुरुआत भी कर दी है, जिससे राज्य में जटिल सर्जरी अब अधिक सटीक और कम जोखिम के साथ संभव हो पाएंगी। यह सुविधा प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में तकनीकी उन्नयन का संकेत देती है।

राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में 69 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने की योजना बनाई है, जिनमें से दो संस्थान लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र में खोले जाएंगे। इन आदर्श संस्थानों में सभी मूलभूत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नजदीक ही मिल सकेंगी।

इसके अतिरिक्त, 20 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में डायलिसिस की सुविधा पहले ही शुरू की जा चुकी है। शेष 49 चिकित्सा संस्थानों में यह सेवा शुरू करने के लिए सरकार द्वारा ₹41.62 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, 11 संस्थानों में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जाएंगे, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सशक्त, सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए चिकित्सकों से सीधा संवाद कर ground level पर आ रही समस्याओं को समझना और उनका समाधान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

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