धर्मशाला। भाजपा के संगठनात्मक जिला कांगड़ा के पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ का जिला सम्मेलन रविवार को धर्मशाला के शिल्ला चौक में आयोजित किया गया। सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मित्रों की मौज चल रही है, जबकि आम कर्मचारी और पेंशनर अपने हक के लिए इंतजार कर रहे हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के पेंशनरों का 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता और वर्ष 2016 के वित्तीय लाभ लंबित हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम सहित विभिन्न बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों के भी कई मामले सरकार के पास लंबित हैं। उन्होंने कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि पूर्व कर्मचारियों का अधिकार और सम्मान है। भाजपा कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर उनके साथ खड़ी है।
सांसद ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर करीब एक लाख दस हजार करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। उनका आरोप है कि सरकार की प्राथमिकताएं कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के बजाय अन्य लोगों को सुविधाएं देने की ओर हैं।

अनुराग ठाकुर ने पेट्रोल-डीजल पर सेस बढ़ाने को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में वह दिन दूर नहीं, जब राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के नाम पर प्रदेश सरकार सेस लगाना शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हिमाचल में खटाखट पैसे देने का वादा किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का पूरा सिस्टम ही खटारा कर दिया। अब जनता कांग्रेस को फटाफट-फटाफट सत्ता से बाहर करने का फैसला करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बूटकेस, लूटकेस और सूटकेस वाली सरकार चल रही है।
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस के पांच लाख नौकरियों समेत चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चार साल के वादों और सरकार के कामकाज का हिसाब जनता को याद दिलाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों का मुंह बंद करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही उन्होंने मीडिया चैनलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करने के साथ पेंशन अदालतें शुरू की हैं। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और ऑनलाइन पेंशन सुविधाओं से बुजुर्गों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

इस दौरान पूर्व मंत्री सरवीण चौधरी ने भी प्रदेश सरकार पर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक अरुण मेहरा कूका ने कहा कि सरकार ने पूर्व कर्मचारियों के योगदान को भुला दिया है।
राष्ट्रीय कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के राज्य संयोजक घनश्याम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की 45 माह की कार्यप्रणाली पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पेंशनरों को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस को बोर्ड-निगमों के कर्मचारियों सहित सभी को देने, 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता, लंबित एरियर और अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
घनश्याम शर्मा ने कहा कि पेंशनरों की अनदेखी सही नहीं है और सरकार को कर्मचारियों व पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 प्रतिशत डीए और एरियर समेत कई मांगें अभी लंबित हैं।
सम्मेलन में पूर्व विधायक विशाल नैहरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा, सह-मीडिया प्रभारी विश्व चक्षु सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।




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