Himachal: हिमाचल प्रदेश बजट 2025: मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेश किया ग्रामीण विकास पर केंद्रित बजट

Date:

--Advertisement--

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया, जिसमें कुल बजट ₹58,514 करोड़ रखा गया है। यह बजट विशेष रूप से ग्रामीण विकास, कृषि, बागवानी, पशुपालन, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई अहम घोषणाएँ की हैं।

इस बजट में दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। गाय के दूध का मूल्य ₹45 से बढ़ाकर ₹51 प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य ₹55 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर किया गया है। साथ ही, पशुपालकों को ₹2 प्रति लीटर की परिवहन सब्सिडी भी दी जाएगी। महिलाओं के लिए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली प्रत्येक बेटी को ₹1,500 प्रति माह दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ 1 जून 2025 से घरेलू महिला कामगारों को भी मिलेगा।

सरकार ने 25,000 नई नौकरियों की घोषणा की है, जिसमें पुलिस विभाग में 1,000 कांस्टेबलों की भर्ती शामिल है। आशा वर्करों के 290 पद भी भरे जाएंगे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी ₹300 से बढ़ाकर ₹320 प्रति दिन की गई है। पंचायत और नगर निकाय प्रतिनिधियों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है।

कृषि और बागवानी के विकास के लिए ‘एचपी शिवा प्रोजेक्ट’ के तहत 4,000 हेक्टेयर भूमि का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिस पर ₹100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मछुआरों से केवल 7.50% रॉयल्टी ली जाएगी और 120 नई ट्राउट यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹9,800 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और नए होस्टलों की स्थापना शामिल है। सड़क और पुल निर्माण के लिए नाबार्ड की सहायता से 50 नई सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘मुख्यमंत्री वृद्धजन देखभाल योजना’ शुरू की जाएगी। विपक्ष ने इस बजट को निराशाजनक और दिशाहीन बताया है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट “बंडल ऑफ कंफ्यूजन” है, जिसमें व्यावहारिक दृष्टिकोण की कमी है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत यह बजट ग्रामीण विकास, कृषि, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर केंद्रित है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये घोषणाएँ जमीनी स्तर पर कैसे लागू होती हैं और प्रदेश के विकास में कितना योगदान देती हैं।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kangra: गुम्मर में बाल कटवाने गया अरुण कुमार अचानक लापता, CCTV में आखिरी बार आया नजर; तलाश जारी

गुम्मर निवासी अरुण कुमार 25 सितंबर को सुबह बाल कटवाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। CCTV में नजर आने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

14 किमी के कठिन ट्रैक पर पहुंचे डीसी कांगड़ा, ग्लेशियर झील का लिया जायजा; तत्काल खतरे के नहीं मिले संकेत

डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा और एसडीएम बैजनाथ संकल्प गौतम ने करीब 14 किलोमीटर का कठिन ट्रैक पूरा कर मुल्थान तहसील के पोलिंग क्षेत्र में स्थित ग्लेशियर झील का निरीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार फिलहाल झील से तत्काल खतरे के संकेत नहीं मिले हैं।

Kangra: कलियाडा स्कूल के 3 खिलाड़ियों का कमाल, शुभम, शिवांश और आदित्य का अंडर-19 हॉकी में राज्य स्तर पर चयन; जिला प्रतियोगिता में बने...

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलियाडा के शुभम, शिवांश और आदित्य का अंडर-19 हॉकी में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्कूल की टीम उपविजेता रही।

Kangra: धर्मशाला में 29 अक्तूबर से सजेगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, डल झील के पास होगा 15वां संस्करण

धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव का 15वां संस्करण 29 अक्तूबर से 1 नवंबर तक डल झील के समीप तिब्बतन चिल्ड्रन विलेज में आयोजित होगा। प्रशासन ने बिजली, परिवहन, सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।