चंबा की होली घाटी में युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणी कुलेठी की असमय मौत ने परिवार और पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के दौरान हुए हादसे में उनकी जान चली गई। चंद्रमणी अपने पीछे पत्नी, दो साल के बेटे और माता-पिता को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
कुछ हादसे ऐसे होते हैं, जो एक पल में जिंदगी की पूरी तस्वीर बदल देते हैं। घर पर किसी का इंतजार कर रहे परिजन, भविष्य के सपने संजोता परिवार और अपने काम में जुटा व्यक्ति अचानक ऐसी खबर के सामने खड़ा हो जाता है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। चंबा जिले की होली घाटी में चंद्रमणी कुलेठी के साथ हुआ हादसा भी ऐसी ही दुखद घटना बन गया।
चंबा जिले के होली निवासी और यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणी कुलेठी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रस्तावित होली दौरे को लेकर चल रही तैयारियों में सक्रिय थे। मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि चंद्रमणी उनके होली दौरे को लेकर बेहद उत्साहित थे और कई दिनों से कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे थे। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर होली क्षेत्र में तैयारियां चल रही थीं। चंद्रमणी कुलेठी भी आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सक्रियता से काम कर रहे थे। रात के समय पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने के दौरान वह बिजली की तारों की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौत हो गई। जिस व्यक्ति के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, वहां उनके लौटने के बजाय मौत की खबर पहुंची और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जिम्मेदारियों के बीच थम गया जिंदगी का सफर
चंद्रमणी कुलेठी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष थे। संगठन की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी थी और वह क्षेत्र में राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारियों में भी जुटे रहते थे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से जुड़ा काम भी उनकी इसी सक्रियता का हिस्सा था। लेकिन हादसे ने उनका जीवन अचानक खत्म कर दिया।
सार्वजनिक आयोजनों की तैयारियों में जुटे लोगों की मेहनत अक्सर मंच, कार्यक्रम और व्यवस्थाओं के पीछे छिपी रहती है। ऐसे कामों के दौरान सुरक्षा कितनी जरूरी है, यह हादसा भी इस सवाल को सामने लाता है। चंद्रमणी की मौत से एक परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
दो साल का बेटा, जिसकी दुनिया अभी शुरू ही हुई थी
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू चंद्रमणी का परिवार है। वह अपने पीछे पत्नी, दो साल के बेटे और माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनका बेटा अभी उस उम्र में है, जब बच्चे अपने आसपास की दुनिया को समझना शुरू करते हैं और माता-पिता का साथ उनके लिए सबसे बड़ी सुरक्षा होता है। अब परिवार को ऐसी कमी के साथ आगे बढ़ना होगा, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है।
परिवार के लिए यह दुख इसलिए भी गहरा है क्योंकि चंद्रमणी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। जानकारी के अनुसार, उनके पिता का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। ऐसे समय में इकलौते बेटे को खोना परिवार के लिए बेहद कठिन परिस्थिति है।
राजनीति से जुड़ाव, परिवार से गहरा रिश्ता
चंद्रमणी कुलेठी की पहचान सिर्फ एक राजनीतिक पदाधिकारी के रूप में नहीं थी। वह एक परिवार के सदस्य, पति, पिता और बेटे भी थे। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के पीछे उसकी निजी दुनिया भी होती है, जिसमें परिवार की उम्मीदें, बच्चों के सपने और आने वाले वर्षों की योजनाएं शामिल होती हैं।
उनके असमय निधन ने उनके परिवार के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी गहरा आघात पहुंचाया है। उनका जाना परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने वाले लोगों के लिए भी बड़ी क्षति है।
शोक में डूबा होली क्षेत्र
हादसे की खबर फैलते ही होली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी चंद्रमणी कुलेठी के निधन पर शोक व्यक्त किया। एक तरफ मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर क्षेत्र में तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ इन्हीं तैयारियों के दौरान हुए हादसे ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया।
जिस कार्यक्रम के लिए लोग व्यवस्थाएं जुटा रहे थे, उसी से जुड़ी तैयारियां एक परिवार के लिए जीवनभर न भूल पाने वाली त्रासदी बन गईं।
हादसे की जांच और सुरक्षा का सवाल
पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, बिजली की तारों के संपर्क में आने की वजह क्या थी और घटना के दौरान सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
यह घटना सार्वजनिक आयोजनों, प्रचार सामग्री लगाने और बिजली की लाइनों के आसपास काम करने के दौरान सुरक्षा के महत्व को भी सामने लाती है। बिजली की लाइनों के पास काम करते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखना, पर्याप्त सावधानी बरतना और जरूरी सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है।
पीछे रह गईं यादें और अधूरे सपने
चंद्रमणी कुलेठी की जिंदगी एक दुखद हादसे में खत्म हो गई, लेकिन उनके जाने से परिवार में पैदा हुई कमी बहुत बड़ी है। पत्नी के लिए जीवनसाथी का बिछड़ना, माता-पिता के लिए इकलौते बेटे को खोना और छोटे बच्चे के लिए पिता का साथ छूट जाना इस घटना के अलग-अलग दर्द हैं।
होली घाटी में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में जुटे हर व्यक्ति की सुरक्षा सबसे जरूरी है। चंद्रमणी कुलेठी के परिवार के सामने अब इस अपूरणीय क्षति के साथ आगे बढ़ने की कठिन चुनौती है।


For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


