हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने देश के सबसे ऊंचे और सबसे लंबे बस रूटों में शामिल दिल्ली-केलांग-लेह बस सेवा को 15 सितंबर से बंद कर दिया है। हर साल सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम और ऊंचाई वाले मार्ग की परिस्थितियों को देखते हुए यह सेवा बंद की जाती है। इस बार यह बस सेवा 26 मई को शुरू हुई थी और करीब साढ़े तीन महीने ही चल पाई।
दिल्ली के कश्मीरी गेट से शुरू होने वाली यह बस चंडीगढ़, मंडी, कुल्लू-मनाली, अटल टनल और केलांग होते हुए लेह पहुंचती है। इस रूट पर कुल सफर करीब 990 किलोमीटर का है, जिसके लिए निगम ने 1,839 रुपये किराया निर्धारित किया है। लंबी दूरी और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बावजूद कम किराए के कारण यह सेवा पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास महत्व रखती है।
अटल टनल बनने के बाद दिल्ली-लेह बस अब रोहतांग दर्रे से होकर नहीं जाती, लेकिन सफर के दौरान इसे दुनिया के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण चार दर्रों को पार करना पड़ता है। इनमें 16,020 फीट ऊंचा बारालाचा ला, 15,547 फीट ऊंचा नाकी ला, 16,620 फीट ऊंचा लाचुंग ला और 17,480 फीट ऊंचा तांगलांग ला शामिल हैं।
बस सेवा बंद होने का असर पर्यटकों, स्थानीय लोगों और सेना में ड्यूटी पर जाने वाले जवानों पर पड़ेगा, जो इस सस्ती बस सेवा का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, फिलहाल लेह-लद्दाख मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से जारी है। निगम की यह बस सेवा अब अगले साल गर्मियों में बर्फ हटने के बाद दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
इस संबंध में एचआरटीसी के केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंशित शर्मा ने बताया कि 15 सितंबर से लेह-दिल्ली रूट पर बस सेवा को बंद कर दिया गया है।



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