कांगड़ा जिले के भरवाना पंचायत के भुआणा गांव में करीब 9 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी का मामला पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। हालांकि चोरी किए गए आभूषण अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

यह चोरी सोमवार रात उस समय हुई थी, जब भुआणा निवासी श्रवण कुमार का परिवार बैजनाथ स्थित अपने ससुराल में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने गया हुआ था। घर खाली होने का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़ा और लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहनों पर हाथ साफ कर दिया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों गुरदीप सिंह, कालू राम और बॉबी कुमार को बैजनाथ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी बैजनाथ में बिनवा खड्ड के पास रेलवे पुल के नीचे बनी झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं। गुरदीप सिंह और कालू राम आपस में सगे भाई हैं। पुलिस के अनुसार तीनों पिछले करीब 40 वर्षों से बैजनाथ क्षेत्र में रह रहे हैं और अन्य राज्यों से संबंधित परिवारों के हैं। इनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनके खिलाफ पहले भी बैजनाथ और जोगिंद्रनगर थानों में चोरी के मामले दर्ज हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि सबसे पहले बैजनाथ में चोरी की योजना बनाई गई और बिना नंबर की बाइक पर निकल पड़े। सबसे पहले उन्होंने नागटा पंचायत में एक सूने घर का ताला तोड़ा, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। इसके बाद तीनों भुआणा गांव पहुंचे और श्रवण कुमार के घर से करीब 9 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। चोरी के बाद वे वापस बैजनाथ स्थित अपनी झुग्गी में लौट आए। आरोपियों ने लम्लेहड़ पंचायत के मट्ट गांव में भी चोरी करने की योजना बनाई थी, लेकिन घर के लोग जाग जाने और गांव में शोर मचने के कारण वे वहां से फरार हो गए।
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि चोरी किए गए गहनों को उन्होंने बैजनाथ के एक व्यक्ति को मात्र 15 हजार रुपये में बेच दिया था और तीनों ने आपस में पांच-पांच हजार रुपये बांट लिए। अब पुलिस गहने खरीदने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपी मंगलवार और शनिवार को भगवान का वेश धारण कर बहुरूपिया बनकर गांव-गांव घूमते थे। इस दौरान वे लोगों से पैसे मांगने के बहाने सूने घरों की रेकी करते थे और रात के समय उन्हीं घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। बाकी दिनों में वे कभी-कभार दिहाड़ी मजदूरी भी करते थे।
पंचरुखी पुलिस थाना के प्रभारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली है। पुलिस जल्द ही चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी करेगी। साथ ही मामले में अन्य लोगों की भूमिका और अन्य संभावित चोरी की घटनाओं की भी जांच जारी है।

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