धर्मशाला, 31 जुलाई: कांगड़ा जिले में नशे के बढ़ते खतरे पर प्रभावी रोक लगाने के लिए शुक्रवार को जिला स्तरीय एनसीओआरडी (Narco Coordination Centre) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक कांगड़ा कुलभूषण वर्मा, जो जिला एनसीओआरडी के संयोजक भी हैं, ने बैठक का समन्वय किया। बैठक में जिले में नशा मुक्ति और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के अलावा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं, उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम), उपमंडल पुलिस अधिकारियों (एसडीपीओ) और ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों (बीएमओ) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान जिले में नशे की मौजूदा स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नशे की रोकथाम, कानून प्रवर्तन, उपचार और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त हेमराज बैरवा और पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन नशा तस्करी और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रहा है और सभी विभागों को संयुक्त रूप से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से जागरूकता अभियान, सेमिनार, संवाद कार्यक्रम और अभिभावकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग को नशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, संक्रमण की रोकथाम तथा प्रभावित लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए गए कि नशा तस्करों और संगठित मादक पदार्थ नेटवर्क के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाए तथा इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित, प्रभावी और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में आम जनता से भी नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि यदि उन्हें नशा तस्करी या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की विश्वसनीय जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल सरकारी पहल तक सीमित न रखकर जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने जनजागरूकता, सामाजिक सहभागिता और सख्त कानून व्यवस्था के माध्यम से कांगड़ा को नशा मुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ जिला बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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