Kangra: नूरपुर सिविल अस्पताल में 5 नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, अब मरीजों को नहीं लगाने पड़ेंगे दूसरे अस्पतालों के चक्कर

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नूरपुर सिविल अस्पताल में 5 नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती को क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते गंभीर और जटिल मामलों को अक्सर धर्मशाला, टांडा मेडिकल कॉलेज (TMC) या पंजाब के पठानकोट अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। नए डॉक्टरों की तैनाती के बाद स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है।

अस्पताल में दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक मनोचिकित्सक की तैनाती की गई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता भाटिया और डॉ. पायल ठाकुर नवजात शिशुओं और बच्चों से जुड़ी बीमारियों का उपचार करेंगी। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरुषि और डॉ. अर्चना गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव और महिला स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। मनोचिकित्सक डॉ. सिमंत मल्होत्रा मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और अन्य मानसिक विकारों से जुड़े मरीजों का उपचार करेंगे।

रेफरल अस्पताल के टैग से मिलेगी राहत

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण नूरपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर स्थिति में दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। धर्मशाला, टांडा और पठानकोट तक रेफर किए जाने से मरीजों और उनके परिवारों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता था। अब विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होने से अधिकांश जटिल मामलों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव होने की उम्मीद है।

इससे कांगड़ा और सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण मरीजों को निजी क्लीनिकों या दूसरे जिलों के अस्पतालों के चक्कर लगाने से भी राहत मिल सकती है। खासकर बच्चों, महिलाओं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।

विधायक रणबीर सिंह निक्का ने विधानसभा में उठाई थी मांग

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का फैसला विधानसभा सत्र में विधायक रणबीर सिंह निक्का की ओर से लगातार उठाई जा रही मांग के बाद सामने आया है। विधायक ने इसे क्षेत्र के विकास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ते हुए अस्पताल की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों की ओर से की जा रही राजनीति पर भी टिप्पणी की है।

हालांकि, 5 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से ओपीडी और विशेषज्ञ सेवाओं में सुधार की उम्मीद है, लेकिन अस्पताल को पूरी तरह सुचारू रूप से चलाने के लिए अन्य संसाधनों की जरूरत भी बनी हुई है। पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन और आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं, जिनमें एक्स-रे और सटीक जांच के लिए जरूरी मशीनें शामिल हैं, अस्पताल की सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

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