इंदौरा, 16 जुलाई। हिमाचल प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा की तस्करी करने वाले माफियाओं के खिलाफ वन विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत इंदौरा वन परिक्षेत्र में विभाग ने खैर की लकड़ी की तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में वन विभाग को स्थानीय पर्यावरण प्रेमी युवाओं का भी सहयोग मिला। संयुक्त अभियान के दौरान 28 खैर के मौछों से लदी एक पिकअप जीप जब्त की गई और मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

वन परिक्षेत्र अधिकारी अब्दुल हमीद ने बताया कि विभाग को खैर की लकड़ी की तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने स्थानीय युवाओं को साथ लेकर मैहकड़ चौक पर निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद वहां से गुजर रही एक संदिग्ध पिकअप जीप को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में अवैध रूप से काटे गए खैर के 28 मौछे बरामद हुए।
वन विभाग ने तुरंत वाहन और उसमें लदी बेशकीमती लकड़ी को कब्जे में ले लिया। मौके पर मौजूद दो लोगों को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक सतीश और सन्नी के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए केस पुलिस को सौंप दिया गया है।

अब पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि लकड़ी कहां से काटी गई, इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा जब्त किए गए वाहन का वास्तविक मालिक कौन है।
नूरपुर वन मंडलाधिकारी संदीप कोहली ने कहा कि प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले तस्करों और वन माफिया के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन संपदा की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


