हिमाचल के जनजातीय विकास मॉडल की NCST ने की तारीफ, लेकिन वन अधिकार मामलों पर दिया बड़ा निर्देश

Date:

--Advertisement--

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने हिमाचल प्रदेश में जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। हालांकि आयोग ने साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए ताकि पात्र लोगों को समय पर उनका अधिकार मिल सके।

बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में एनसीएसटी के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनजातीय क्षेत्रों में चल रही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश जनजातीय विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क संपर्क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं में हुई प्रगति पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

Advertisement

बैठक के दौरान आयोग के सदस्यों निरुपम चकमा और डॉ. आशा लाकड़ा ने भी अपने सुझाव साझा किए। आयोग ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए जनजातीय आबादी को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

अंतर सिंह आर्य ने विशेष रूप से वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके निपटारे में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक देरी के उनके अधिकार मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में सिकल सेल एनीमिया के मामले सामने आते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जो सकारात्मक संकेत है।

इस दौरान आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय युवाओं के साथ शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास जैसे मुद्दों पर संवाद किया। साथ ही वन संरक्षण समितियों, वन अधिकार लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।

हाटी, गुर्जर, गद्दी, किन्नौरा और अन्य जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष क्षेत्र विशेष से जुड़ी कई चिंताएं और सुझाव रखे। इस पर अंतर सिंह आर्य ने आश्वासन दिया कि उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ जनजातीय समुदायों तक पहुंचे।

आयोग ने अपने दौरे के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम और लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अलावा राज्य के सांसदों और विधायकों के साथ भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

HPBOSE का बड़ा फैसला! 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का पूरा पैटर्न बदला, अब MCQ, केस स्टडी और कठिन सवालों से होगी असली परीक्षा

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2027 से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में नया प्रश्नपत्र पैटर्न लागू करेगा। अब MCQ, केस स्टडी और कम्पीटेंसी आधारित प्रश्न शामिल होंगे, जबकि मॉडल पेपर भी जारी कर दिए गए हैं।

HRTC बस में 31 ग्राम चिट्टा बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस अब खंगाल रही पूरे ड्रग नेटवर्क की कड़ी

बिलासपुर के स्वारघाट में पुलिस ने एचआरटीसी बस से 31 ग्राम चिट्टा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस पूरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुट गई है।

चिंतपूर्णी मंदिर में बड़ा डिजिटल फर्जीवाड़ा! एक ही ट्रांजेक्शन आईडी से हुए कई भुगतान, पुलिस ने शुरू की साइबर जांच

चिंतपूर्णी मंदिर की सुगम दर्शन पास व्यवस्था में डिजिटल भुगतान से जुड़ी बड़ी अनियमितता सामने आई है। एक ही ट्रांजेक्शन आईडी और मोबाइल नंबर से कई भुगतान दर्ज मिलने के बाद पुलिस ने करीब 80 संदिग्ध लेनदेन की साइबर जांच शुरू कर दी है।

कांगड़ा की बेटी मेघना डोगरा ने किया कमाल! GATE पास कर IIT कानपुर में PhD के लिए बनाई जगह

कांगड़ा जिले के नकोदर गांव की मेघना डोगरा ने GATE परीक्षा पास कर IIT कानपुर में फिजिक्स (मैटेरियल साइंस) में पीएचडी के लिए पात्रता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।