Kangra: पशु चिकित्सक हैं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, पालमपुर में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने दिया सेवा का मंत्र

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पशु चिकित्सक का पेशा बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, जिसमें डॉक्टरों को कई बार केवल लक्षणों के आधार पर पशुओं का इलाज करना पड़ता है। ऐसे में पशुपालकों का भरोसा पूरी तरह पशु चिकित्सकों पर टिका होता है। यह बात कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने रविवार को पालमपुर में कही।

वह चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित पशु चिकित्सा स्नातकों के 35वें बैच के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रो. चंद्र कुमार ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पशु चिकित्सकों की भूमिका ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बेहद अहम है। उन्होंने नव-पास आउट पशु चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे पूरी लगन और निष्ठा के साथ अपने पेशे में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में खेती और पशुपालन का बड़ा योगदान है, इसलिए पशु चिकित्सकों को किसानों के बीच अनुसंधान आधारित कार्य करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

मंत्री ने पशुधन स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका को मजबूत करने में पशु चिकित्सकों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं से समाज की सेवा समर्पण, ईमानदारी और करुणा के साथ करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।

समारोह के दौरान कुल 59 नव पशु चिकित्सकों ने शपथ ली और औपचारिक रूप से पशु चिकित्सा पेशे में प्रवेश किया। कार्यक्रम से पहले कृषि मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में तीन भवनों को जोड़ने वाले पैदल गलियारे का भूमि पूजन भी किया, जिसे लगभग 15 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा।

पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शिरकत की। उन्होंने राज्य और देश के लिए कुशल पशु चिकित्सा पेशेवर तैयार करने में विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की और विश्वविद्यालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जानकारी मंत्री को दी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया। कुलपति ने पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने स्नातकों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे अपने पेशे के मूल्यों और जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, छात्र और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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