Himachal: सासन हत्याकांड: पांच दिन मौत से जंग लड़ती रही रंजना, आखिर जिंदगी से हार गई — दिव्यांग बेटे गोलू से छिन गया मां का साया

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हमीरपुर, 9 नवंबर: हिमाचल के सदर थाना क्षेत्र की सासन पंचायत में सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।

पांच दिन तक मौत से लड़ रही 40 वर्षीय रंजना देवी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गईं। अब उनका 17 वर्षीय दिव्यांग बेटा वीरेंद्र उर्फ गोलू, जो पूरी तरह अपनी मां पर निर्भर था, अनाथ हो गया है।

पांच दिन तक पीजीआई में जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही रंजना

3 नवंबर को रंजना देवी घास काटने खेतों की ओर जा रही थीं, तभी एक नाबालिग लड़के ने दुष्कर्म की नीयत से उन पर हमला कर दिया।

रंजना ने जब प्रतिरोध किया तो हमलावर ने दराती और डंडे से ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में रंजना बुरी तरह घायल हो गईं, यहां तक कि उनका कान तक कट गया।

स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।

वहां पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शुक्रवार देर रात रंजना ने दम तोड़ दिया।

“अब मां के हाथों से खाना नहीं खा पाएगा गोलू”

रंजना का बेटा गोलू बचपन से ही दिव्यांग है और पूरी तरह अपनी मां पर निर्भर था।

रंजना ही उसका सहारा, देखभाल करने वाली और दुनिया थी। अब जब वह नहीं रहीं, तो गोलू की जिंदगी में एक अंधेरा सन्नाटा छा गया है।

परिवार के लोग उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन किसी में भी उसे सच्चाई बताने की हिम्मत नहीं है।

गांव में हर किसी की आंखें नम हैं — रंजना के साथ हुई यह निर्मम घटना समाज के लिए एक गहरा सवाल छोड़ गई है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रंजना के पति विजय कुमार लोक निर्माण विभाग में बेलदार हैं।

परिवार की जिम्मेदारी अब उनके ताया-ताई पर आ गई है, जो गोलू की देखभाल कर रहे हैं।

रंजना की पहली संतान एक बेटी थी, लेकिन जन्म के 17 दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी।

इसके बाद जन्मा गोलू ही उनका संसार बन गया था।

आरोपी नाबालिग, जांच जारी

पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग है और उसने दुष्कर्म के प्रयास के दौरान महिला पर हमला किया था।

घटना की जांच जारी है और पुलिस ने कई साक्ष्य जुटा लिए हैं।

स्थानीय लोग आरोपी को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।

यह केवल एक हत्या नहीं, समाज के लिए चेतावनी है

रंजना की मौत ने महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सासन पंचायत का यह मामला अब पूरे हिमाचल में चर्चा का विषय बन गया है।

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