Himachal: हिमाचल कांग्रेस का वोट चोर-गद्दी छोड़ अभियान रहा सफल, 1.35 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर जुटाए

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हिमाचल कांग्रेस का वोट चोर-गद्दी छोड़ अभियान सफल, 1.35 लाख हस्ताक्षर जुटाने का दावा

शिमला: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हिमाचल में चलाए गए “वोट चोर-गद्दी छोड़” अभियान की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंप दी गई है। बुधवार को राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश प्रभारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल, उपमुख्यमंत्री एवं अभियान के प्रदेश संयोजक मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक में हिमाचल कांग्रेस की टीम ने अभियान के तहत किए गए प्रयासों की पूरी जानकारी राष्ट्रीय महासचिव को दी।

हस्ताक्षर का आंकड़ा:

प्रदेश भर में अभियान के तहत 1 लाख हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। अभियान से जुड़े नेताओं के अनुसार, जनसमर्थन के चलते कुल 1.35 लाख हस्ताक्षर पूरे प्रदेश से जुटाए गए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 1500 हस्ताक्षर का लक्ष्य तय किया गया था, जिसे लगभग पूरा किया गया।

हर हस्ताक्षर में मोबाइल नंबर का उल्लेख अनिवार्य था, ताकि फर्जी हस्ताक्षर रोके जा सकें। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए पार्टी नेता हरिकृष्ण हिमराल जिम्मेदार थे। अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला से पहला हस्ताक्षर करके की थी।

ऊना और सिरमौर में रिकॉर्ड:

अभियान में जिला ऊना ने शीर्ष स्थान हासिल किया। विधायक विवेक शर्मा को जिला पर्यवेक्षक बनाया गया था। ऊना में कुल 12,500 से ज्यादा हस्ताक्षर जुटाए गए, जिसमें अपने विधानसभा क्षेत्र से 5,000 फार्म उन्होंने खुद भरवाए। वहीं, जिला सिरमौर में 10,000 से अधिक हस्ताक्षर जुटाए गए। यहां विधायक अजय सोलंकी को पर्यवेक्षक बनाया गया था।

कंट्रोल रूम और निगरानी:

अभियान की निगरानी के लिए कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। हिमुडा के उपाध्यक्ष और पूर्व महासचिव यशवंत छाजटा को इसका इंचार्ज बनाया गया। हस्ताक्षरों में डुप्लीकेसी रोकने की जिम्मेदारी हरिकृष्ण हिमराल को दी गई थी।

डिप्टी सीएम की देखरेख में अभियान:

प्रदेश में यह अभियान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की देखरेख में चलाया गया। उन्हें अभियान का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह राठौर को सह संयोजक और 2 मंत्रियों सहित 10 विधायकों को जिलावार पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया।

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