Hamirpur: सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के खैरी गांव में मूसलाधार बारिश से तबाही, कई घर क्षतिग्रस्त

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सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के खैरी गांव में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी। कुछ ही घंटों की लगातार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन का ऐसा मंजर खड़ा कर दिया, जिसने पूरे गांव के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। खेत मलबे से पट गए, सड़कों का अस्तित्व खत्म हो गया और कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस अप्रत्याशित आपदा ने स्थानीय निवासियों को गहरे सदमे और डर के माहौल में डाल दिया है।

रातभर बारिश, सुबह तबाही का नजारा

जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात तेज बारिश शुरू हुई और रातभर रुक-रुक कर जारी रही। आधी रात को बारिश ने विकराल रूप ले लिया और आसपास का नाला अचानक उफान पर आ गया। तेज धारा अपने साथ मलबा लेकर सीधे गांव में घुस गई। अचानक हुई इस आपदा में लोग अपने घरों से जान बचाने के लिए बाहर भागे।



नाले की चपेट में तीन मकान सीधे आ गए। इनमें से कुछ घर पूरी तरह मलबे में दब गए, जबकि कई घरों की दीवारों में बड़ी दरारें आ गईं। सुबह जब गांव के लोग बाहर निकले, तो चारों ओर सिर्फ तबाही का नजारा था। टूटी हुई सड़कों, कीचड़ में फंसी कारों और मलबे के ढेर ने पूरे इलाके को अवरुद्ध कर दिया था।

सड़कें टूटीं, खेत हुए बर्बाद

खैरी गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। बरसाती पानी के तेज बहाव से सड़क की मिट्टी और पत्थर बह गए, जिससे यातायात ठप हो गया। सड़कों पर खड़े कई वाहन भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।

किसानों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। खेतों में खड़ी फसलें मलबे में दब गईं, जिससे मेहनत पर पानी फिर गया। स्थानीय किसान राजेंद्र ने बताया, “हमारी पूरी सीजन की फसल बर्बाद हो गई है। न तो खेत साफ रह गए और न ही बीज बचा है। अब हमें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करें।”

प्रभावित परिवारों में डर का माहौल

मलबे और बारिश से कई घरों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं। कुछ घर इतने जर्जर हो गए हैं कि उनमें रहना भी खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय निवासी सीमा देवी ने कहा, “रात को अचानक इतना पानी और मलबा आया कि हमें बच्चों को लेकर घर से भागना पड़ा। अभी भी डर है कि कहीं बारिश दोबारा न शुरू हो जाए।”

गांव में रहने वाले बुजुर्गों का कहना है कि पिछले कई सालों में उन्होंने ऐसी तबाही नहीं देखी। बच्चे और महिलाएं लगातार दहशत में हैं और लोग सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं।

विधायक मौके पर पहुंचे, राहत कार्य शुरू

जैसे ही घटना की सूचना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंची, रविवार सुबह सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह तुरंत खैरी गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया और ढांढस बंधाया।

विधायक ने मौके पर ही लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर राहत कार्य शुरू करवाया। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कों से मलबा हटाने और रास्तों को खोलने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

सरकार करेगी हरसंभव मदद : कैप्टन रणजीत सिंह

मौके पर विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा, “खैरी गांव में आई आपदा से काफी नुकसान हुआ है। कई घर मलबे में दब गए हैं, खेत और सड़कें बर्बाद हो गई हैं। हमारी पहली प्राथमिकता है कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और सुरक्षित ठिकाना दिया जाए। इसके साथ ही सड़कों को बहाल करने का काम तुरंत शुरू कर दिया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार नुकसान का सही आकलन करेगी और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता व पुनर्वास उपलब्ध कराएगी। “किसी को भी बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा,” उन्होंने आश्वासन दिया।



विशेषज्ञों की राय

स्थानीय भूगोल विशेषज्ञों का कहना है कि खैरी जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और अव्यवस्थित निर्माण कार्य आपदा की स्थिति को और बिगाड़ देते हैं। पहाड़ों की ढलानों पर पेड़ कटने और बिना प्लानिंग के बनाए जा रहे घर भी भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन को पहाड़ी इलाकों में बेहतर जल निकासी व्यवस्था, वृक्षारोपण और योजनाबद्ध निर्माण पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी तबाही से बचा जा सके।

निष्कर्ष

सुजानपुर क्षेत्र का खैरी गांव इस समय प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। बीती रात की तेज बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी और सुबह होते-होते गांव में तबाही का मंजर साफ दिखाई देने लगा। टूटे घर, बर्बाद खेत और क्षतिग्रस्त सड़कें प्रशासन के लिए चुनौती बन गई हैं।

हालांकि, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह के मौके पर पहुंचने और राहत कार्य शुरू करवाने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि कब तक राहत और पुनर्वास कार्य पूरा होगा।

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