Chamba: मानसून 2025 से पहले चंबा में आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ी बैठक, विधानसभा अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश

Date:

--Advertisement--

चंबा, 7 जुलाई: विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में आज चंबा के बचत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मानसून 2025 से पहले ज़िला चंबा में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करना था। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ विधायक नीरज नैय्यर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े सभी प्रमुख विभागों की तैयारियों की विभागवार समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान कुलदीप सिंह पठानिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें और विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं बढ़ी हैं और चंबा जैसे भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील ज़िलों में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका अधिक रहती है। इसीलिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया और कहा कि विभागीय कार्ययोजना को व्यवहारिक स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष ने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों (SDMs) को अपने क्षेत्रों के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित अंतराल में स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल विद्युत परियोजना प्रबंधकों, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, राज्य विद्युत बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध रूप से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

विधायक नीरज नैय्यर ने भी अधिकारियों को आपदा से निपटने की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154-ए के तहत विभिन्न स्थानों पर जरूरी मशीनरी और उपकरणों की पहले से उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन के तहत अब तक ज़िले में 200 आपदा मित्रों और 1502 यूथ वॉलिंटियर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जो आपात स्थिति में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

बैठक का संचालन अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर राणा, उपमंडल अधिकारी नागरिक पारस अग्रवाल व अनिल भारद्वाज, वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार, रजनीश महाजन, अधीक्षण अभियंता दिवाकर सिंह पठानिया, राजेश मोगरा, राजीव ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेएस भारद्वाज, ज़िला विकास अधिकारी ओपी ठाकुर तथा ज़िला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

HP Police Constable Recruitment 2026: बड़ी राहत! हिमाचल पुलिस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 21 अगस्त तक करें अप्लाई

HPPSC ने हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 अगस्त 2026 कर दी है। राज्य सरकार द्वारा आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट दिए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

Bilaspur Accident: शाहतलाई के सरहयाली खड्ड पुल पर बड़ा हादसा, पानी का टैंकर लेकर जा रहा ट्रैक्टर खाई में गिरा, एक की मौत, दो...

बिलासपुर के शाहतलाई स्थित सरहयाली खड्ड पुल पर पानी का टैंकर लेकर जा रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खड्ड में गिर गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

HP Police Constable Recruitment 2026: आज आखिरी मौका! 734 कांस्टेबल पदों के लिए रात 11:59 बजे तक करें आवेदन, वरना चूक जाएंगे सुनहरा अवसर

HP Police Constable Recruitment 2026 के तहत 734 कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की आज अंतिम तिथि है। इच्छुक उम्मीदवार रात 11:59 बजे तक HPPSC के ORA पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

हिमकेयर घोटाले की जांच में बड़ा मोड़! पूर्व भाजपा सरकार के मंत्री भी विजिलेंस के रडार पर, पुराने फैसलों की होगी पड़ताल

हिमकेयर योजना से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल तक पहुंच गई है। विजिलेंस स्वास्थ्य विभाग के फैसलों, निजी अस्पतालों को दी गई मंजूरियों और भुगतान रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।