Shimla: शिमला में जलसंकट: भारी बारिश से सप्लाई ठप, गाद के कारण शुरू हुई पानी की राशनिंग

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला इन दिनों मूसलाधार बारिश के चलते गंभीर जल संकट से जूझ रही है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली प्रमुख परियोजनाएं—गिरि, गुम्मा, चुरट, सियोग, चैयड़ और कोटी बरांडी—भारी गाद जमा हो जाने के कारण पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। इन जल स्रोतों में गाद की अधिकता ने लिफ्टिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिसके चलते सोमवार को पूरे शहर में जल आपूर्ति बाधित रही।

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सबसे अधिक गाद गिरि और गुम्मा परियोजनाओं में जमा हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण मंगलवार को भी इन दोनों प्रमुख स्रोतों से जल पंपिंग शुरू नहीं हो पाई। जल प्रबंधन कंपनी के अनुसार, गिरि परियोजना में थोड़े समय के लिए पंपिंग शुरू की गई थी, लेकिन बारिश बढ़ने के बाद गाद का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि पंपिंग प्रक्रिया को दोबारा बंद करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए जल प्रबंधन कंपनी ने शहर के जल वितरण शेड्यूल में बदलाव कर दिया है। पहले जहां सप्ताह में पांच दिन जल आपूर्ति की जाती थी, अब पानी की राशनिंग शुरू कर दी गई है। नए शेड्यूल के अनुसार, अब शिमला शहर के निवासियों को एक दिन छोड़कर, यानी हर तीसरे दिन जलापूर्ति मिलेगी।

गिरि और गुम्मा दोनों परियोजनाएं मिलकर शहर को रोजाना 10 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी भी नहीं दे पा रही हैं। वहीं चुरट, सियोग, चैयड़ और कोटी बरांडी जैसी छोटी परियोजनाएं पहले से ही बंद हैं, जिससे जल संकट और गहरा गया है।

जल प्रबंधन कंपनी के एजीएम दिनेश भारद्वाज ने बताया कि बारिश के चलते गिरि परियोजना में पंपिंग बार-बार बाधित हो रही है। जब तक गाद का स्तर कम नहीं होता, तब तक लिफ्टिंग प्रक्रिया शुरू करना संभव नहीं है। कंपनी का कहना है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, जल आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।

इसी बीच कंपनी ने शहरवासियों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है। पानी में मिट्टी और अशुद्धियों की मात्रा अधिक होने के कारण, लोगों से अपील की गई है कि जल जनित बीमारियों से बचने के लिए पानी को कम से कम 15 मिनट तक उबाल कर ही उपयोग में लाएं। बारिश के मौसम में जल स्रोतों में गंदगी बढ़ जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

शहर के कई हिस्सों में लोगों को या तो बिल्कुल पानी नहीं मिल रहा है या फिर बेहद गंदा पानी आ रहा है, जिससे नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई है। जल प्रबंधन कंपनी ने लोगों से सहयोग की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि जल्द ही गाद का स्तर कम होते ही जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

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