Kullu: शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है कुल्लू का शिल्ली स्कूल, 52 बच्चों का भविष्य अधर में

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हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार की शिल्ली पंचायत का राजकीय उच्च विद्यालय वर्षों से शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। इस स्कूल में पढ़ने वाले 52 छात्रों का भविष्य संकट में नजर आ रहा है क्योंकि स्कूल में शिक्षकों के सात पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इनमें प्रधानाचार्य सहित विभिन्न विषयों के अध्यापक शामिल हैं।

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विद्यालय में हेडमास्टर का पद अप्रैल 2022 से खाली है, टीजीटी मेडिकल जुलाई 2022 से, टीजीटी नॉन मेडिकल जुलाई 2024 से, टीजीटी आर्ट्स सितंबर 2022 से, शास्त्री का पद मार्च 2022 से, ड्राइंग मास्टर अगस्त 2013 से और पीटीआई का पद वर्ष 2016 से खाली चला आ रहा है। इसके अलावा, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद भी वर्ष 2012 से रिक्त है, जिससे स्कूल में सफाई और अन्य आवश्यक कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।

हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा भेजी गई अस्थायी कर्मचारी को 6 जून को वापस बुला लिया गया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। वर्तमान में स्कूल में केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं—मोहनलाल (टीजीटी आर्ट्स) और सीमा ठाकुर (भाषा अध्यापक)। इतने कम स्टाफ में सभी कक्षाओं की पढ़ाई नियमित रूप से चलाना संभव नहीं हो पा रहा है।

विद्यालय भवन की हालत भी संतोषजनक नहीं है। यहां पांच कक्षाओं के लिए मात्र दो कमरे उपलब्ध हैं, जिससे बच्चों को पढ़ाई में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

ग्राम पंचायत शिल्ली की प्रधान शेतू देवी, उपप्रधान मोहर सिंह, वार्ड सदस्य भीमसेन, सीता देवी और विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दलीप सिंह सहित अन्य सदस्य जैसे गोविंद सिंह, डूर सिंह, बहादुर सिंह, सरनु राम, सीता देवी, कांता देवी, जयचंद, खिला देवी, फूला देवी, रणजीत सिंह, केहर सिंह और अन्य ग्रामीणों—दलीप सिंह, यशपाल, रीत राम, धने राम, ओम प्रकाश, मदन लाल आदि—ने संयुक्त रूप से प्रशासन और सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द शिक्षकों के सभी रिक्त पदों को भरा जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। अभिभावक भी अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। सभी ने मिलकर मीडिया के माध्यम से सरकार, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि शिक्षा के इस गंभीर संकट का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सके।

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