कांगड़ा-चंबा के बाद अब ऊना का युवक नेपाल में लापता, त्रिशूली हाइड्रो प्रोजेक्ट में था तैनात; परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

Date:

--Advertisement--

नेपाल में आई बाढ़ और तबाही के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले का एक युवक लापता हो गया है। मैहतपुर बसदेहड़ा निवासी सुखविंद्र नेपाल के त्रिशूली हाइड्रो प्रोजेक्ट में मेकेनिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। आपदा के बाद से परिजन लगातार उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।

सुखविंद्र के पिता हुसन लाल ने बताया कि उनका बेटा पहले भूटान में नौकरी करता था, लेकिन बाद में कंपनी ने उसे नेपाल भेज दिया। सुखविंद्र करीब तीन महीने की छुट्टी के बाद 15 अगस्त को ही नेपाल वापस गया था। हुसन लाल के अनुसार उनका एक भतीजा भी काठमांडो में रहता है और उससे बातचीत हो रही है, लेकिन सुखविंद्र से संपर्क नहीं हो पा रहा है। दुबई में रह रहा उनका बड़ा बेटा भी भाई की तलाश में काठमांडो पहुंच गया है और अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहा है। सुखविंद्र शादीशुदा हैं और उनका करीब पौने दो साल का बेटा है।

एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने बताया कि सुखविंद्र के लापता होने की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। इस संबंध में संबंधित मंत्रालय से भी संपर्क किया गया है। परिवार का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से उनसे संपर्क नहीं किया गया है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं से उन्होंने बात की है। नेताओं ने सुखविंद्र की फोटो और त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी मांगी है, ताकि प्रदेश सरकार के माध्यम से नेपाल में संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उनकी तलाश करवाई जा सके।

Also Read: नेपाल में तबाही के बीच चंबा के युवक का आया फोन, बोला- ‘मां मैं सुरक्षित हूं’; टनल में होने से बची जान

नेपाल में फंसे हिमाचल के लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। जिला प्रशासन को नेपाल में मौजूद हिमाचलियों की स्थिति पर नजर रखने और कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे नागरिकों तक राहत एवं बचाव सहायता पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित हिमाचल वापस लाना है। सरकार विदेश मंत्रालय और काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार समन्वय कर रही है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं, जिनके माध्यम से नेपाल में रह रहे हिमाचल के नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।

इस बीच चंबा जिले के सलूणी निवासी सलमान खान ने नेपाल में सुरक्षित होने की सूचना अपनी मां को फोन पर दी है। सलमान नेपाल में एक निजी प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। बताया गया है कि उनका कार्यस्थल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दूसरी ओर है और टनल में होने के कारण वह सुरक्षित हैं।

चिंतित पिता हुसन लाल ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से उनके बेटे की तलाश के लिए नेपाल सरकार और संबंधित एजेंसियों से तत्काल संपर्क करने की गुहार लगाई है। परिवार को अब किसी अफवाह नहीं, बल्कि सुखविंद्र के सुरक्षित होने की खबर का इंतजार है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kangra: आंगनवाड़ी के 4 पदों पर फिर निकली भर्ती, 24 सितंबर तक आवेदन का मौका; जानें किस क्षेत्र की महिलाओं के लिए है अवसर

ज्वालामुखी उपमंडल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 1 और सहायिका के 3 रिक्त पदों के लिए फिर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र महिलाएं 24 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक देहरा कार्यालय में आवेदन जमा कर सकती हैं।

Kangra: नशा तस्कर पर नूरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3.32 करोड़ की संपत्ति जब्त; चरस के मामले से जुड़ा है पूरा मामला

नूरपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डमटाल के चरस मामले में आरोपी बलविंदर उर्फ बिल्ला की 3.32 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करवाई है। सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली ने जब्ती की पुष्टि की है।

Kangra: 79 साल बाद करेरी क्षेत्र में दौड़ी बस, पंचायत प्रतिनिधियों ने विधायक केवल सिंह पठानिया का जताया आभार

करेरी क्षेत्र में 79 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद बस सेवा शुरू हो गई है। पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने रैत स्थित कांग्रेस कार्यालय में विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से मुलाकात कर आभार जताया।

प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक पहुंचा PNB RSETI, 10,620 युवाओं और महिलाओं को मिला हुनर; 7,408 ने शुरू की रोजगार की राह

पीएनबी आरसेटी ने ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। स्थापना से अब तक 10,620 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 7,408 का सेटलमेंट हुआ और 6,428 प्रशिक्षार्थी स्वरोजगार से जुड़े हैं।