नूरपुर, 2 अक्तूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के एंटी-चिट्टा अभियान के तहत नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में पुलिस जिला नूरपुर ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों के कब्जे और प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। अब इन संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।
पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, बलविंदर बिल्ला से जुड़े एनडीपीएस मामले में पुलिस थाना डमटाल ने 11 अगस्त, 2026 को संबंधित संपत्तियों को फ्रीज किया था। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 9 सितंबर, 2026 को करीब 3.32 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की। इन संपत्तियों में एक आलीशान कोठी सहित अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
फ्रीज की गई संपत्तियों में ‘क्वालिटी’ होटल एवं रेस्तरां के साथ 8 दुकानें भी शामिल हैं। ये संपत्तियां मुहाल टोकी में एनएच-44 के समीप, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा में स्थित हैं। पुलिस के अनुसार, उक्त संपत्ति बलविंदर बिल्ला की पत्नी उर्मिला देवी के नाम दर्ज है।
पुलिस जिला नूरपुर ने बहुमंजिला होटल और 8 दुकानों के संबंध में थाना प्रभारी, पुलिस थाना डमटाल को प्रशासक नियुक्त करने का अनुरोध सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा था। इस अनुरोध पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68जी के तहत थाना प्रभारी डमटाल को उक्त संपत्ति का कब्जा लेने और उसका प्रबंधन करने के लिए अधिकृत किया है।
संबंधित संपत्तियों में 00-02-28 हेक्टेयर भूमि, खाता संख्या 96, खतौनी संख्या 176, खसरा संख्या 738/719/35 एवं 739/719/35 तथा 00-01-32 हेक्टेयर भूमि, खाता संख्या 178, खतौनी संख्या 277, खसरा संख्या 738/35 शामिल है। संपत्ति का कब्जा और प्रबंधन संबंधित नियमों तथा एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68टी के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
संपत्ति से होने वाली आय और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत निगरानी में रहेंगे। संपत्ति से संबंधित खातों तथा आय-व्यय का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार निरीक्षण किया जाएगा। बड़े वित्तीय खर्च के लिए आवश्यक पूर्व अनुमति की प्रक्रिया का भी पालन करना होगा।
पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों के कब्जे, प्रबंधन और उनसे होने वाली आय के नियमन से जुड़े कानूनी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस जिला नूरपुर ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री के नशामुक्त हिमाचल के विजन के अनुरूप नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को केवल फ्रीजिंग तक सीमित न रखते हुए उनके कब्जे, प्रबंधन और आय के नियमन तक ले जाने की दिशा में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
पुलिस के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी द्वारा थाना प्रभारी डमटाल को संपत्ति का कब्जा लेने और उसका प्रबंधन करने की अनुमति मिलना इस मामले की कार्रवाई का एक अहम चरण है। इससे पहले नशीले पदार्थों के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायालयीन कार्रवाई के साथ संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जाती रही है। इस मामले में फ्रीज की गई संपत्ति के कब्जे और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है।
पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, यह कार्रवाई नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कानूनी और वित्तीय नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


