कुल्लू दशहरा इस बार अपनी ऐतिहासिक देव परंपरा के साथ नए वैश्विक अंदाज में नजर आएगा। 21 से 27 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में भव्य ग्लोबल नृत्य, ड्रोन और लेजर शो मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। यह जानकारी अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने अटल सदन में आयोजित तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने कहा कि 17वीं शताब्दी से चली आ रही कुल्लू दशहरे की ऐतिहासिक परंपरा की झलक इस बार पूरे विश्व स्तर पर दिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्लोबल नृत्य और 500 ड्रोन का लेजर शो होगा मुख्य आकर्षण
सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष दशहरे में भारतीय और विदेशी संस्कृति के मिश्रण से एक विशेष ग्लोबल नृत्य तैयार किया जा रहा है। इसे आकर्षक रूप देने के लिए पेशेवर कोरियोग्राफर की मदद ली जाएगी। इसका उद्देश्य विदेशी सांस्कृतिक दलों को कुल्लू की देव संस्कृति और परंपरा से रूबरू कराना है, ताकि वे अपने देशों में भी इसका प्रचार-प्रसार कर सकें। हर वर्ष की तरह अंतर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव भी आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहेगा, जिसमें हिमाचल के लोक नृत्यों के साथ देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति देखने को मिलेगी। इसके अलावा उत्सव के दूसरे, चौथे और छठे दिन करीब 500 ड्रोन आसमान में उड़ाए जाएंगे और भव्य लेजर व ड्रोन शो आयोजित होगा।
365 देवी-देवताओं को निमंत्रण, बजंतरियों के खाते में सीधे पहुंचेगी सम्मान राशि
कुल्लू को देवभूमि कहा जाता है और यहां करीब 365 स्थानीय देवी-देवताओं के निवास की मान्यता है। इस देव महाकुंभ के लिए सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा जा चुका है। इस वर्ष प्रशासन की ओर से एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। देवताओं के साथ आने वाले बजंतरियों यानी पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाने वालों को मिलने वाली सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे वे मेले के दौरान अपनी जरूरत के अनुसार इस राशि का उपयोग कर सकेंगे।
प्लॉटों के दाम नहीं बढ़ेंगे, खेल प्रतियोगिताओं की इनामी राशि भी बढ़ेगी
दशहरे में व्यापार के लिए आने वाले कारोबारियों को इस बार राहत दी गई है। मेले में प्लॉटों के बेस प्राइस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने का प्रयास किया गया है। विधायक ने बताया कि उत्सव के दौरान आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं की इनामी राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए 19 विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसें, नशा मुक्ति परामर्श केंद्र भी बनेगा
कुल्लू दशहरे में आने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुविधा के लिए 30 विशेष इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा आनी-निरमंड, मणिकर्ण, लग और उझी घाटी के लिए भी विशेष बस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी मैदान में विशेष डी-एडिक्शन यानी नशा मुक्ति परामर्श केंद्र स्थापित किया जाएगा। यहां विशेषज्ञ युवाओं को नशे से दूर रहने और इससे बाहर निकलने के लिए मार्गदर्शन देंगे। मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नगर परिषद कुल्लू की ओर से रात 12 बजे के बाद पूरे मेला परिसर की सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा के लिए पुलिस का कंट्रोल टावर, ट्रैफिक और पार्किंग पर भी रहेगी नजर
मेला परिसर में सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने के लिए पुलिस की ओर से कंट्रोल टावर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही होमगार्ड्स और ट्रैफिक स्वयंसेवकों की मदद से यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की योजना है। बैठक में बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार, मिल्क फैडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष रामसिंह मियां, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेसराम आजाद, नगर परिषद अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी राय, भगवान रघुनाथ के प्रतिनिधि दानवेंद्र सिंह, कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



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