Kangra: पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल, सराह में 80 से अधिक पौधे लगाकर लिया हरियाली बढ़ाने का संकल्प

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कांगड़ा जिले के धर्मशाला उपमंडल के समीप स्थित ग्राम सराह में गुरुवार को पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा द्वारा किया गया।

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कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चिराग भानु सिंह ने विधिवत मृदा पूजन के बाद पीपल का पौधा लगाकर किया। इस दौरान पीपल, अर्जुन, शीशम, आंवला, जामुन और रीठा सहित विभिन्न देशज प्रजातियों के 80 से अधिक पौधे रोपे गए।

इस अवसर पर बताया गया कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम और जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

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आयोजकों ने बताया कि स्थानीय जलवायु और पर्यावरण के अनुरूप देशज प्रजातियों के पौधों का चयन किया गया है, ताकि क्षेत्र में संतुलित और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके। इस अभियान में वन विभाग, शिक्षा विभाग और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

कार्यक्रम में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश डॉ. अरविंद मल्होत्रा, श्रम न्यायालय की पीठासीन न्यायाधीश सुश्री परवीन चौहान, मुख्य वन संरक्षक श्री बासु कौशल, प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) श्री अमित शर्मा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेश चौहान, सुश्री शीतल शर्मा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो न्यायालय) श्रीमती विजय लक्ष्मी, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री हकीकत धांडा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सुश्री सोनल शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री आर. मिहुल शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. पार्थ जैन, जिला बार एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष श्री अंकुर सोनी, टोंगलेन स्कूल के विद्यार्थी, गैर-सरकारी संगठन जागोरी और उत्थान के प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण मिल सके।

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