कांगड़ा। प्रदेश सरकार की नई मर्जर नीति के तहत कम छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों को बंद कर नजदीकी स्कूलों में विलय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार जिला कांगड़ा के पांच राजकीय प्राथमिक स्कूल और एक राजकीय मिडल स्कूल को पूरी तरह बंद कर नजदीकी शिक्षण संस्थानों में मर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस सूची के सामने आने के बाद प्रभावित क्षेत्रों के अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। वहीं, दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को आशंका है कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

आधिकारिक आदेशों के अनुसार फतेहपुर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक पाठशाला बांकेहर का विलय अब राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुनेट में कर दिया गया है। इसी तरह धीरा ब्लॉक के जीपीएस चरखड़ा को जीसीपीएस धोरण में, थुरल ब्लॉक के जीपीएस डगेरा को जीपीएस घरेला में, रक्कड़ ब्लॉक के जीपीएस जुराही को जीपीसीएस भरोली कोहला में तथा बैजनाथ ब्लॉक के जीसीपीएस नागेहर को जीपीएस खोपा में मर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा पालमपुर ब्लॉक के राजकीय मिडल स्कूल बडसर का भी विलय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जिया में कर दिया गया है।
स्कूलों के मर्ज होने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को अब नजदीकी स्कूलों तक पहुंचने में अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

इस मामले में उपनिदेशक उच्च शिक्षा, जिला कांगड़ा अजय सम्ब्याल ने बताया कि सरकार की नीति और निर्धारित नियमों के अनुसार कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को नजदीकी संस्थानों में मर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और उपलब्ध संसाधनों व शिक्षकों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विद्यार्थियों के स्कूल मर्ज किए गए हैं, उन्हें नजदीकी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी पढ़ाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!