कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए शहरों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क के सहयोग से ग्रामीणों को उनके घर-द्वार के नजदीक डिजिटल और सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस पहल से जहां लोगों का समय और आने-जाने का खर्च बच रहा है, वहीं ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ग्राम पंचायत भवनों में को-लोकेटेड कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पंचायत भवनों को डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।
कांगड़ा में 14.89 करोड़ रुपये से स्थापित हुए 304 CSC सेंटर
जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने बताया कि कांगड़ा जिले में वर्तमान में 304 कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। इन केंद्रों की स्थापना और संबंधित गतिविधियों पर अब तक 14 करोड़ 89 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को कई सरकारी और डिजिटल सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हो रही हैं। इससे सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई है और समय के साथ यात्रा पर होने वाला खर्च भी कम हो रहा है।
इन CSC सेंटरों को ग्राम पंचायत भवनों में सिंगल विंडो सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 170 से अधिक डिजिटल और ई-गवर्नेंस सेवाएं उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है। इनमें आधार नामांकन और बायोमेट्रिक अपडेट, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, डिजी-पे के जरिए नकद निकासी, विभिन्न ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और जन्म, मृत्यु, आय तथा जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।
पंचायत भवनों में मजबूत किया जा रहा डिजिटल ढांचा
इस पहल के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल डिजिटल सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। पंचायत भवनों में CSC के लिए जगह उपलब्ध करवाने के साथ बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जिन क्षेत्रों में पंचायत भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां उनके निर्माण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत सहायता देने का प्रावधान भी है। इससे ग्रामीण प्रशासन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिल रही है।
CSC संचालकों को गांव में ही मिल रहा स्वरोजगार
कॉमन सर्विस सेंटरों के संचालन में वीएलई यानी विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर की अहम भूमिका है। ये स्थानीय स्तर पर लोगों को ऑनलाइन और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाते हैं। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार और छोटे उद्यम शुरू करने के नए अवसर बन रहे हैं।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत केवल भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। CSC संचालकों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों को डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन पोर्टल, ई-गवर्नेंस सिस्टम और नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं। कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य जरूरी आईटी सुविधाओं की उपलब्धता से पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का संचालन बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।
मनोज कुमार और साहिल ने बताया, घर के पास मिला रोजगार
धर्मशाला के समीप बल्ला जदरांगल में CSC चलाने वाले स्नातक मनोज कुमार और चैतड़ू में केंद्र संचालित करने वाले साहिल ने बताया कि सरकार की इस पहल से उन्हें अपने घर के नजदीक ही स्वरोजगार का अवसर मिला है। साहिल सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और MBA हैं। दोनों अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल और सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाकर उनकी मदद कर रहे हैं और इसी के साथ अपनी आजीविका भी चला रहे हैं।
ग्रामीणों को भी मिल रही बड़ी राहत
बल्ला जदरांगल की ग्रामीण रूचि और सीमा तथा चैतड़ू की पलक ने बताया कि गांव के नजदीक CSC की सुविधा मिलने से अब विभिन्न सरकारी सेवाओं और दस्तावेजों से जुड़े काम करवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इससे उनके आने-जाने का खर्च और समय दोनों बच रहे हैं। कई जरूरी सेवाएं अब स्थानीय स्तर पर ही आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।
इस तरह राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और CSC नेटवर्क का तालमेल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और पंचायत स्तर पर सेवा वितरण को मजबूत कर रहा है। इससे गांवों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने में मदद मिल रही है।
पंचायत मुख्यालयों में CSC स्थापित करने पर जोर
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि कांगड़ा जिले में अब तक लगभग 304 कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों का संचालन स्थानीय लोगों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और जनहित से जुड़ी जरूरी सेवाएं अपने क्षेत्र में मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि समय की जरूरत को देखते हुए इन CSC सेंटरों को धीरे-धीरे पंचायत मुख्यालयों में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत भी कई स्थानों का चयन किया गया है और प्रक्रिया जारी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर-द्वार के नजदीक सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। स्थानीय स्तर पर सेवाएं मिलने से लोगों का समय बचेगा और वे अधिक सुविधाजनक तरीके से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।


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