Himachal: हिमाचल को मिली 2247 करोड़ की बड़ी सौगात, पीएमजीएसवाई-4 से बनेंगी 294 सड़कें, विक्रमादित्य सिंह का बड़ा ऐलान

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लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि सकारात्मक प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत 2247.24 करोड़ रुपये की फाइनल मंजूरी दे दी है। इस संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से फोन के माध्यम से आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई है। इसके साथ ही पीएमजीएसवाई-4 का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।

विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश में 1538 किलोमीटर लंबी 294 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर कुल 2247 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें से 2019.70 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि राज्य सरकार का अंश 227.54 करोड़ रुपये होगा। प्रति किलोमीटर सड़क निर्माण की औसत लागत 146.11 लाख रुपये तय की गई है।

उन्होंने कहा कि 8 जनवरी को दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर डीपीआर को शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया गया था, जिस पर अब स्वीकृति मिल गई है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए केंद्र से अधिक से अधिक संसाधन जुटाए जा रहे हैं, ताकि विकास की रफ्तार हर क्षेत्र तक समान रूप से पहुंचे।

पीएमजीएसवाई-4 के तहत जिलेवार राशि का ब्योरा साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि बिलासपुर को 29 करोड़, चंबा को 55 करोड़, हमीरपुर को 10 करोड़, कांगड़ा को 50 करोड़, किन्नौर को 90 करोड़, कुल्लू को 55 करोड़, लाहौल-स्पीति को 600 करोड़, मंडी को 120 करोड़, शिमला को 66 करोड़, सिरमौर को 80 करोड़, सोलन को 120 करोड़ और ऊना जिले को 80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत सबसे अधिक 97 सड़कें शिमला जिले में स्वीकृत की गई हैं।

मंत्री ने प्रदेश में जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने से सेब सहित अन्य फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है। चिलिंग आवर्स घटने से भविष्य में सेब के आकार, रंग और उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने जल स्रोतों के सूखने और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में सीजीएमए तकनीक अपनाई जा रही है, जिससे सड़कों को 10 साल की गारंटी मिलेगी। साथ ही अवैध खनन और डंपिंग पर सख्ती की जाएगी। शिमला-रामपुर फोरलेन में सुरंग निर्माण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत 650 करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्र को भेजी गई हैं। इनमें शिमला सब्जी मंडी का पुनर्विकास, हमीरपुर मुख्य बाजार का रिडिवेलपमेंट, नई टाउनशिप और रिवर फ्रंट परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर किसी की निजी भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और किसानों-बागवानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।

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