वन निगम कर्मचारी महासंघ में बड़ा फेरबदल, बाबूराम बने अध्यक्ष; OPS और 425 पदों को लेकर सरकार को दी बड़ी चेतावनी

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शिमला, 19 जुलाई 2026। हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम कर्मचारी महासंघ ने नई कार्यकारिणी का गठन कर संगठन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। महासंघ की बैठक में सर्वसम्मति से बाबूराम को अध्यक्ष और प्रीतम पाल ठाकुर को चेयरमैन चुना गया। शिमला के कसुम्पटी स्थित एसडीए कॉम्प्लेक्स में निगम कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और संगठन को मजबूत बनाने के लिए अहम निर्णय लिए गए।

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महासंघ ने इस बार पहली बार चेयरमैन और कानूनी सलाहकार के नए पद भी सृजित किए हैं। प्रीतम पाल ठाकुर को चेयरमैन और हरीश ठाकुर को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया। इसके अलावा विक्रांत कदशोली को महासचिव, काहन चंद को उपाध्यक्ष, सौरव सिंह को संयुक्त सचिव, अर्जुन भकियांन को संगठन सचिव और विकास शर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने के लिए जोन स्तर पर भी नियुक्तियां की गई हैं। दक्षिण क्षेत्र से जगत राम, उत्तरी क्षेत्र से हरभजन सिंह और सेंट्रल जोन से राजेंद्र कटवाल को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं आरएनटी फैक्ट्री नाहन से प्रदीप नेगी और आरएनटी फैक्ट्री बिलासपुर से श्यामलाल को भी उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।

बैठक के दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों और सेवा संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नई कार्यकारिणी कर्मचारियों के अधिकारों, सेवा शर्तों और वन निगम के हितों से जुड़े सभी मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी।

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नवनियुक्त अध्यक्ष बाबूराम और चेयरमैन प्रीतम पाल ठाकुर ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली महासंघ की प्रमुख मांगों में शामिल रहेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सरकार से काफी उम्मीदें हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

महासंघ ने वन निगम में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। संगठन के अनुसार निगम में फॉरेस्ट गार्ड के 425 स्वीकृत पद हैं, जबकि वर्तमान में केवल 74 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। बड़ी संख्या में पद खाली होने से मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है और कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

महासंघ ने यह भी बताया कि वर्ष 2027 में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो निगम के नियमित कार्यों पर गंभीर असर पड़ सकता है। संगठन ने सरकार और निगम प्रबंधन से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग की है।

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महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और वन निगम के उपाध्यक्ष से मुलाकात करेगा। इस दौरान OPS बहाली, रिक्त पदों को भरने, सेवा संबंधी समस्याओं और निगम के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जा सकती है। नई कार्यकारिणी ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करने का भरोसा दिलाया है।

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