हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला में एक नाबालिग युवती के लापता होने के मामले ने अब बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विभिन्न हिंदू संगठनों ने इसे कथित “लव जिहाद” से जोड़ते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठनों का आरोप है कि एक मुस्लिम युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर 16 वर्षीय हिंदू किशोरी को अपने जाल में फंसाया और करीब एक सप्ताह पहले उसे लेकर फरार हो गया। मामले को लेकर अब इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और युवती की सुरक्षित बरामदगी की मांग तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार आरोपी युवक धर्मशाला के एक स्थानीय सैलून में काम करता था। हिंदू संगठनों का दावा है कि युवक खुद को “शिवा” नाम से लोगों के बीच पेश करता था, जबकि बाद में उसकी असली पहचान अब्दुल के रूप में सामने आई। आरोप है कि युवक ने नाबालिग किशोरी से संपर्क बनाया और फिर उसे अपने साथ लेकर चला गया। घटना को करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं लग पाया है।

संगठनों का कहना है कि शुरुआत में युवती के परिवार पर किसी प्रकार का दबाव था, जिसके चलते वे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवा सके। मामले के तूल पकड़ने के बाद विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी डीसी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ रोष भी जताया गया।
ज्ञापन में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के सत्यापन और पंजीकरण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहले निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई क्षेत्रों में अब भी उनका पालन नहीं हो रहा। आरोप लगाया गया कि किराये के मकानों और दुकानों में रहने वाले बाहरी लोगों की ठीक तरह से जांच नहीं की जा रही, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र ने कहा कि जिस मकान में आरोपी युवक रह रहा था, वहां मकान मालिक की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि बिना सत्यापन किरायेदार रखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो। साथ ही प्रशासन से नाबालिग युवती को जल्द सुरक्षित बरामद करने और आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण सहित संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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