Kangra: रात 1 बजे Civil Hospital Shahpur में तड़पता रहा बुजुर्ग मरीज! इलाज न मिलने पर निजी अस्पताल ले जाना पड़ा

हिमाचल प्रदेश के Civil Hospital Shahpur में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 9 मई 2026 की रात करीब 1:00 बजे एक बुजुर्ग मरीज को पेशाब की पाइप यानी कैथेटर में गंभीर समस्या होने पर अस्पताल लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि वहां समय पर इलाज नहीं मिल पाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

परिजनों के अनुसार, ड्यूटी पर मौजूद डॉ. नेहा ने कैथेटर बदलने से यह कहते हुए मना कर दिया कि “मैं पाइप चेंज नहीं कर सकती, यह मेरी ड्यूटी नहीं है, यह पुरुष स्टाफ का काम है।” परिवार का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई पुरुष डॉक्टर या पुरुष स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे मरीज दर्द से परेशान रहा और उसे तत्काल राहत नहीं मिल सकी।

परिवार का कहना है कि जब Civil Hospital Shahpur में इलाज नहीं मिला तो मजबूरी में मरीज को निजी अस्पताल Pulse Medicity ले जाना पड़ा, जहां उसका उपचार करवाया गया। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की रात के समय उपलब्ध सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इतना ही नहीं, परिजनों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रात के समय अस्पताल परिसर में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। इससे मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

घटना के सामने आने के बाद अब स्थानीय लोग विधायक केवल सिंह पठानिया और सरकार से जवाब मांग रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि रात के समय अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ और जरूरी सुविधाएं क्यों उपलब्ध नहीं रहतीं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल एक मरीज की परेशानी नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का उदाहरण है। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अस्पतालों में रात के समय पर्याप्त मेडिकल स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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