हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के रेटा गांव की बेटी सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन किया है। जापान के आइची-नागोया में गुरुवार को महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। आखिरी चरण तक चली कड़ी प्रतिस्पर्धा में सीमा ने अपनी स्थिति बनाए रखी और तीसरे स्थान पर रहते हुए भारत को पदक दिलाया। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में भारत को एशियन गेम्स में 2010 के बाद पहली बार पदक मिला है। यह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स का पहला पदक भी है।
सीमा की इस सफलता के साथ एशियन गेम्स की महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में भारत के 16 साल के पदक इंतजार का अंत हुआ है। इससे पहले 2010 में प्रीजा श्रीधरन ने स्वर्ण और कविता राउत ने रजत पदक जीता था। सीमा का कांस्य इस स्पर्धा में एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का तीसरा पदक है।
आखिरी चरण में वापसी कर पक्का किया कांस्य
सीमा ने दौड़ की शुरुआत मजबूत तरीके से की और कुछ समय तक आगे रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहीं। बीच के चरण में वह पीछे हुईं, लेकिन पदक की दौड़ से बाहर नहीं हुईं। अंतिम चरण में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 32 मिनट 39.18 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 32 मिनट 41.54 सेकेंड में रजत पदक हासिल किया।
अब 5 हजार मीटर में भी उतरेंगी सीमा
सीमा अब एशियन गेम्स में 5 हजार मीटर दौड़ में भी हिस्सा लेंगी। कांस्य पदक के बाद उनके प्रदर्शन पर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देशभर की नजरें रहेंगी। 2026 में सीमा ने 10 हजार मीटर में 32:02.43 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय भी दर्ज किया था। मार्च 2026 में कैलिफोर्निया में आयोजित द टेन में उन्होंने यह समय निकाला था।
सीमा की उपलब्धियों का सफर
सीमा ने छोटी उम्र से ही एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। वर्ष 2015 में जूनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 3,000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2018 में वह यूथ एशियन ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने में सफल रहीं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
वर्ष 2022 में सीमा ने राष्ट्रीय खेलों में 10 हजार मीटर का स्वर्ण और 5 हजार मीटर का रजत पदक जीता। वर्ष 2023 में उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में 5 हजार और 10 हजार मीटर दोनों में स्वर्ण पदक हासिल किए। सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी उन्होंने 10 हजार मीटर का स्वर्ण और 5 हजार मीटर का रजत पदक जीता।
वर्ष 2024 में हांगकांग में हुई एशियन क्रॉस-कंट्री चैंपियनशिप में सीमा ने महिलाओं की रेस में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2025 में उन्होंने 5 हजार मीटर में एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में रजत पदक हासिल किया। वर्ष 2026 में उन्होंने 10 हजार मीटर में 32:02.43 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
रेटा गांव से एशियन गेम्स के मंच तक पहुंचीं सीमा
सीमा का सफर चंबा जिले के दुर्गम रेटा गांव से शुरू हुआ। शुरुआती दौर में सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने दौड़ की तैयारी की। वर्ष 2015 में उनका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के तहत धर्मशाला के साई केंद्र में प्रशिक्षण के लिए हुआ। इसके बाद उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। वर्ष 2018 में वह खेलो इंडिया योजना से भी जुड़ीं। इसके बाद सीमा ने लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
जीत के बाद सीमा का अगला लक्ष्य ओलंपिक पदक
एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद सीमा ने कहा कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि अब आराम करने के बजाय ओलंपिक की तैयारी के लिए और मेहनत करनी है।



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