बिलासपुर, 3 सितंबर: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन-2026 में चलाए जा रहे ‘ब्रेकफ्री’ अभियान में बिलासपुर जिले ने पूरे हिमाचल प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। युवाओं को HIV संक्रमण के जोखिम के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिले में 34 रेड रिबन क्लबों के माध्यम से लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
12 अगस्त से शुरू हुआ अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी शशि दत्त शर्मा ने बताया कि ‘ब्रेकफ्री’ अभियान की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त 2026 को हुई थी। यह अभियान दो महीने तक चलाया जाएगा और 12 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। अभियान के तहत युवाओं को क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन प्रश्नावली में पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देने होते हैं। इन जवाबों के आधार पर उनका सेल्फ रिस्क असेसमेंट किया जाता है, जिससे उन्हें अपने HIV जोखिम स्तर की जानकारी मिलती है। जरूरत पड़ने पर युवाओं को आगे की जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाता है।
3,550 सेल्फ रिस्क असेसमेंट के साथ बिलासपुर अव्वल
अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को HIV संक्रमण के जोखिम को समझने, स्वयं अपने जोखिम का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर समय पर HIV जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करना है। 30 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 3,550 सेल्फ रिस्क असेसमेंट किए जा चुके हैं, जो प्रदेश के सभी जिलों में सबसे अधिक हैं। इसके साथ ही बिलासपुर पहले स्थान पर है।
मंडी जिला 2,057 सेल्फ रिस्क असेसमेंट के साथ दूसरे स्थान पर है। सोलन में 1,147, हमीरपुर में 973, शिमला में 802, ऊना में 598, कांगड़ा में 520, कुल्लू में 485, चंबा में 342, सिरमौर में 255 और किन्नौर में 188 सेल्फ रिस्क असेसमेंट दर्ज किए गए हैं। वहीं, लाहौल एवं स्पीति में यह संख्या शून्य है। प्रदेश में अब तक कुल 10,917 सेल्फ रिस्क असेसमेंट दर्ज किए जा चुके हैं।
प्रतिदिन के प्रदर्शन में भी जिला नंबर-1
प्रतिदिन के प्रदर्शन के आधार पर भी बिलासपुर प्रदेश में पहले स्थान पर है। जिले में रोजाना औसतन 187 सेल्फ रिस्क असेसमेंट दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं मंडी में प्रतिदिन औसतन 108 और सोलन में 60 सेल्फ रिस्क असेसमेंट दर्ज किए गए हैं।
शिक्षण संस्थानों में भी चल रही जागरूकता गतिविधियां
अभियान के तहत जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में वाद-विवाद, नारा लेखन, रैलियों और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के जरिए युवाओं को HIV संक्रमण से बचाव, जोखिम की पहचान, जांच और समय पर उपचार को लेकर सही और जरूरी जानकारी दी जा रही है।
रेड रिबन क्लबों से बढ़ाई जा रही भागीदारी
जिला स्तर पर अभियान को प्रभावी बनाने के लिए रेड रिबन क्लबों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ‘ब्रेकफ्री’ सेल्फ रिस्क असेसमेंट के जरिए युवा अपने HIV जोखिम की स्थिति को समझ सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने युवाओं से इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन-2026 के तहत चलाए जा रहे ‘ब्रेकफ्री’ अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। साथ ही HIV संक्रमण से बचाव और जागरूकता को लेकर सजग रहने का आग्रह किया गया है।
राज्य स्तर पर भी हिमाचल की रैंकिंग में सुधार
इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन-2026 के तहत ‘ब्रेकफ्री’ अभियान में सेल्फ रिस्क असेसमेंट के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश की रैंकिंग पहले 7वें स्थान पर थी, जो अब सुधरकर 4वें स्थान पर पहुंच गई है। इस तरह हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग में तीन स्थान का सुधार किया है।




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