हिमाचल का दर्दनाक हादसा: डॉक्टर दंपती की मौत के बाद उठे बड़े सवाल, 6 साल में इसी जगह जा चुकी 5 जानें

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आनी: कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में राणाबाग-बलेहड़ मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में रामपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. बृज ठाकुर और उनकी पत्नी सविता ठाकुर की मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी घायल हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह वर्षों में इसी स्थान पर यह तीसरा बड़ा हादसा है, जिसमें अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

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शुक्रवार सुबह डॉ. बृज ठाकुर अपनी पत्नी और बेटी के साथ रामपुर से खुड्डीजल मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। परिवार खुशियों के साथ यात्रा पर निकला था, लेकिन राणाबाग के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और पत्थर उनकी कार पर आ गिरे। टक्कर लगने के बाद कार गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में डॉ. बृज ठाकुर और उनकी पत्नी सविता ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी घायल हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क का आठ से नौ किलोमीटर हिस्सा अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। अगस्त 2020 से अब तक इसी स्थान पर तीन बड़े हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। लोगों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क चौड़ीकरण का कार्य तो शुरू किया, लेकिन अब तक यहां पर्याप्त क्रैश बैरियर और पैरापिट नहीं लगाए गए। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा बैरियर मौजूद होते तो कार खाई में गिरने से बच सकती थी।

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स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि अगस्त 2020 में इसी स्थान पर कार दुर्घटना में दो युवकों की मौत हुई थी। इसके बाद मई 2021 में एक अन्य कार दुर्घटना में पंचायत सचिव की जान चली गई। अब शुक्रवार को हुए हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करशैईगाड़ पंचायत के उपप्रधान परस राम चौहान ने कहा कि यदि यहां समय रहते सुरक्षा प्रबंध किए गए होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।

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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि राणाबाग-बलेहड़ सड़क पर पैरापिट निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरी सड़क पर सुरक्षा दीवार और पैरापिट का निर्माण किया जाएगा।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसी दौरान मौके से गुजर रहे आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार भी राहत कार्य में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर घायल बेटी को स्ट्रेचर के माध्यम से खड्ड पार कर सड़क तक पहुंचाया, जहां से उसे अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद भी पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरते रहे, जिसके चलते लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। प्रशासन ने भी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

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डॉ. बृज ठाकुर रामपुर में अपना निजी क्लीनिक चलाते थे और इससे पहले सरकारी सेवा में भी रह चुके थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने वर्षों तक लोगों की सेवा की। उनके चचेरे भाई राकेश ने बताया कि यह हादसा पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी घायल छोटी बेटी हाल ही में जमा दो उत्तीर्ण कर चुकी है, जबकि बड़ी बेटी कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई कर रही है। इस हादसे के बाद दोनों बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है।

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