कांगड़ा। कांगड़ा के तियारा में पूर्व मंत्री और शाहपुर से पांच बार विधायक रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और भावुक माहौल के बीच किया गया। बैंड-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। विदेश से लौटे उनके बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, जिसके बाद मेजर मनकोटिया पंचतत्व में विलीन हो गए।
हिमाचल की राजनीति में लंबे समय तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले मेजर विजय सिंह मनकोटिया का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव तियारा में किया गया। बैंड-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अपने नेता को आखिरी विदाई देने पहुंचे लोगों के बीच माहौल बेहद भावुक रहा।
मेजर मनकोटिया के बेटा और बेटी विदेश में थे। दोनों के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे पहले कुछ समय तक उनके पार्थिव शरीर को घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद अंतिम यात्रा श्मशानघाट के लिए रवाना हुई।
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अंतिम संस्कार के दौरान बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही मेजर विजय सिंह मनकोटिया पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में स्थानीय लोगों के अलावा कांगड़ा और प्रदेश के दूसरे हिस्सों से पहुंचे पूर्व सैनिक भी शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मेजर मनकोटिया के सम्मान में तियारा बाजार भी बंद रहा। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल देखने को मिला। तियारा पंचायत के पूर्व प्रधान संदीप मनकोटिया ने बताया कि शवयात्रा में प्रदेश के कोने-कोने से पूर्व सैनिक और कांगड़ा के लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर शोक जताया है।



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