मुख्यमंत्री के नए कार्यालय और हिमाचल प्रदेश के बढ़ते कर्ज को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से किए जा रहे हमलों के बीच कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता पुनीत मल्ली ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश के कर्ज पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति और लिए गए कर्ज का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर सवाल करने वाली भाजपा यह बताए कि सत्ता में रहते हुए उसने सरकारी भवनों और संस्थागत ढांचे पर कितना खर्च किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के करीब 20 करोड़ रुपये की लागत को लेकर भाजपा की ओर से सवाल उठाए जाने की बात हालिया रिपोर्टों में भी सामने आई है।
नया मुख्यमंत्री कार्यालय किसी व्यक्ति का नहीं, प्रदेश की संपत्ति
पुनीत मल्ली ने कहा कि नया मुख्यमंत्री कार्यालय किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि हिमाचल सरकार की स्थायी संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी कह चुके हैं कि भविष्य में जो भी मुख्यमंत्री होगा, वह इसी कार्यालय से काम करेगा। नए कार्यालय की लागत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के कार्यालय के अलावा आगंतुकों के लिए भी स्थान शामिल है। मुख्यमंत्री ने भी नए कार्यालय को किसी व्यक्ति के बजाय एक संस्थागत सुविधा बताया है, जिसका इस्तेमाल आगे आने वाली सरकारें भी करेंगी।
मल्ली ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय चुनौतियों से कांग्रेस सरकार न तो भाग रही है और न ही उन्हें छिपा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय यह भी बताना चाहिए कि उसके कार्यकाल में प्रदेश पर कितना कर्ज बढ़ा और उपलब्ध केंद्रीय सहायता का किस तरह इस्तेमाल किया गया। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार वित्तीय दबाव के बावजूद राजस्व बढ़ाने और खर्च को नियंत्रित करने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यालय पर राजनीति, आंकड़ों पर चुप्पी क्यों?
पुनीत मल्ली ने कहा कि भाजपा नए कार्यालय की लागत को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर चर्चा करते समय पूरे वित्तीय इतिहास को सामने रखना चाहिए। उनके मुताबिक, केवल एक भवन की लागत को प्रदेश के कर्ज से जोड़कर राजनीतिक माहौल बनाना पूरी तस्वीर नहीं बताता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को विरासत में मिली वित्तीय देनदारियों और मौजूदा आर्थिक दबावों के बीच कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जरूरतों को संतुलित करना पड़ रहा है।
मल्ली ने कहा कि यदि भाजपा प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चर्चा चाहती है तो कांग्रेस सरकार आंकड़ों के आधार पर जवाब देने के लिए तैयार है।



For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


