हिमाचल में 28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल, 3 दिन प्रभावित रहेंगी बैंकिंग सेवाएं; UPI और ATM चलते रहेंगे

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शिमला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश में बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। शुक्रवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने पत्रकार वार्ता कर हड़ताल को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। पत्रकार वार्ता में यूनियन के हिमाचल संयोजक नरेंद्र शर्मा सहित विभिन्न बैंक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फोरम के पदाधिकारियों नरेंद्र शर्मा, एआईबीओसी हिमाचल प्रदेश के आशुतोष शर्मा और खेम राज वर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से मांगों पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि करीब 30 माह से मांगों को लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने 11 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल भी की थी, लेकिन इसके बाद भी समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।

हड़ताल के दौरान UPI और ATM जैसी सेवाएं रहेंगी जारी

यूनियन नेताओं ने कहा कि हड़ताल के दौरान ग्राहकों और आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसका प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार UPI, ऑनलाइन बैंकिंग, ATM से पैसे निकालने और मशीन के माध्यम से पैसे जमा करने जैसी डिजिटल और स्वचालित सेवाएं जारी रहेंगी। आरबीआई की ओर से रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को खुले रखने संबंधी सर्कुलर जारी किया गया है। शनिवार को बैंक बंद रहेगा, जबकि रविवार को बैंक खुले रहेंगे। इसके बाद सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिन बैंक हड़ताल पर रहेंगे।

यूनियन नेताओं ने आम जनता और बैंक ग्राहकों से 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित हड़ताल के दौरान सहयोग करने की अपील की है।

इन मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी करेंगे हड़ताल

यूनियन लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहा है, जिसके तहत शनिवार और रविवार को अवकाश शामिल है। इसके अलावा यूनियन ने नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना को वापस लेने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि यह योजना एकतरफा रूप से लागू की गई है।

यूनियन नेताओं के अनुसार, सरकार के साथ हस्ताक्षरित समझौते को ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के पास आंदोलन का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

पत्रकार वार्ता में एआईबीओसी के आशुतोष शर्मा और खेम राज वर्मा, एसबीआई अधिकारी संघ के दीपक और दिनेश शर्मा, एआईपीएनबीओए के सिद्धार्थ, यूको बैंक अधिकारी संघ के पीयूष राठौर, कैनरा बैंक अधिकारी संघ के मनीष मच्छान, एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के अंकुश मेहता, एआईबीईए के अंकुर रोहल, एआईबीईए पीएनबीएसए के नितिश शर्मा, बीईएफआई के राजिंद्र कुमार और यूबीआई अधिकारी संघ के मिथुन वर्मा मौजूद रहे।

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