शिमला, 23 सितंबर 2026: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं की शिक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। आज ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जो युवाओं को ज्ञान के साथ कौशल, आत्मविश्वास, रोजगार क्षमता और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध करवाए। राज्यपाल ने बुधवार को कांगड़ा जिले के पालमपुर में श्री साईं विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसके ज्ञान, मूल्यों, अनुसंधान, नवाचार और समाज के प्रति योगदान से तय होती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में बधानी से शुरू हुई श्री साईं ग्रुप की शैक्षणिक यात्रा शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और लगातार किए गए प्रयासों का प्रेरणादायक उदाहरण है।
हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम हैं। ऐसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षण संस्थान की स्थापना केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए विकास और अवसरों के नए रास्ते खुलते हैं।
श्री गुप्ता ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की स्थापना का लाभ केवल एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व को केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अगले 20, 30 और 50 वर्षों की संभावनाओं और चुनौतियों को देखते हुए योजनाएं तैयार करनी चाहिए।
भारत की युवा शक्ति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा देने के लिए विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत के साथ अपने संबंध और मजबूत करने होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं का लक्ष्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला बनने की दिशा में भी काम करना चाहिए, ताकि वे दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।
राज्यपाल ने कहा कि भारत में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालयों को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार प्रदाता, समस्याओं का समाधान करने वाले और नए विचारों को वास्तविकता में बदलने वाले सक्षम नवप्रवर्तक बनें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा को अधिक समग्र, लचीला, बहुविषयक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि समानता, गुणवत्ता और जवाबदेही इस नीति के महत्वपूर्ण आधार हैं। उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और बहुविषयक शिक्षा को भी प्रोत्साहित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार पर लगातार जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालयों को ज्ञान, कौशल, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से राष्ट्र के विकास में योगदान देने वाले युवाओं को तैयार करने की दिशा में काम करना चाहिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की ओर से पर्वतीय और पर्वतारोहण गतिविधियों से जुड़ी शिक्षा पर किए जा रहे विशेष कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से विशेष संभावनाएं मौजूद हैं। हमारे पर्वत केवल पहचान के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, खेल विज्ञान और स्थानीय रोजगार के महत्वपूर्ण आधार भी हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय से इस क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और व्यावहारिक अनुभव को एक साथ जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुकरणीय मॉडल विकसित किया जाना चाहिए, जिसके माध्यम से हिमाचल प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उन्हें उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने, लगातार सीखने के प्रति प्रतिबद्ध रहने और तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को असफलता से नहीं डरने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत और ईमानदारी से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। इन तीनों गुणों को जीवन का हिस्सा बनाकर सफलता के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
इससे पहले श्री साईं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एस.के. पुंज ने राज्यपाल का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा तथा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, कुलपति प्रोफेसर वी.पी. पटियाल, विश्वविद्यालय की प्रबंध निदेशक तृप्ता पुंज, प्रति-कुलपति तुषार पुंज, उपाध्यक्ष रिया पुंज और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



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