कांगड़ा के छोटे से गांव से भारतीय सेना की वर्दी और अब मिस्टर इंडिया के मंच तक, जवान ने हासिल किया 2nd Runner-up का खिताब

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नमस्ते लखनऊ और नमस्ते इंडिया। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पक्का टाला छोटा से गांव से निकलकर भारतीय सेना की वर्दी पहनने तक का सफर अनुशासन और देशसेवा से जुड़ा रहा। अब इसी फौजी जज्बे के साथ उन्होंने मिस्टर इंडिया के मंच पर अपनी फिटनेस और मेहनत का दम दिखाते हुए 15 एथलीटों के बीच तीसरा स्थान यानी 2nd Runner-up का खिताब हासिल किया है।

अपनी इस उपलब्धि पर उन्होंने सबसे पहले परमपिता परमेश्वर का आभार जताया, जिनकी कृपा से वह इस मुकाम तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब वह हिमाचल से भारतीय सेना में शामिल हुए थे, तब उन्हें लगा था कि देशसेवा से बड़ा कुछ नहीं हो सकता। लेकिन सेना ने उन्हें यह भी सिखाया कि कठिन ट्रेनिंग और देशरक्षा की जिम्मेदारियों के बीच फिटनेस के इस स्तर को बनाए रखना और मिस्टर इंडिया के मंच तक पहुंचना उनकी जिंदगी की सबसे कठिन, लेकिन सबसे खूबसूरत लड़ाई रही।

उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि हर उस सैनिक के हौसले की है जो नामुमकिन को मुमकिन बनाना जानता है। सेना की वर्दी से लेकर फिटनेस के मंच तक का यह सफर उनके लिए फौजी जज्बे, अनुशासन और मेहनत का परिणाम रहा।

लखनऊ के ऐतिहासिक मंच पर मिले सम्मान और प्यार के लिए उन्होंने नवाबों के शहर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस शहर ने उनके फौजी हौसले को जो सम्मान और प्यार दिया है, उसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

उन्होंने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। एक सैनिक के रूप में उन्होंने देश के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि मैदान जंग का हो या फिटनेस का, देश का नाम कभी झुकने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि यह तो बस शुरुआत है और देश के लिए अभी कई और मुकाम हासिल करने बाकी हैं। अंत में उन्होंने सभी का धन्यवाद करते हुए जय हिंद और जय भारत का संदेश दिया।

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