धर्मशाला, 10 सितंबर। नशे की मांग में कमी लाने और इस गंभीर समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए धर्मशाला में राष्ट्रीय नशा मांग में कमी कार्ययोजना (NAPDDR) के तहत एक दिवसीय हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जिला कल्याण अधिकारी, कांगड़ा के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय को और मजबूत करना रहा।
कार्यशाला में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, IAS और एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्तन मौजूद रहे। जिला कल्याण अधिकारी, कांगड़ा साहिल मंडला ने कार्यशाला की मेजबानी करते हुए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय और अभिसरण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप देना होगा। इसमें परिवारों, समुदायों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती भी है। इसका प्रभावी समाधान तभी संभव है जब नशे की रोकथाम, जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, उपचार, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर एक साथ काम किया जाए।
कार्यशाला में प्रमुख हितधारक विभागों के प्रतिनिधियों के साथ गैर-सरकारी संगठनों, Gunjan Organisation, ब्रह्माकुमारी संस्था और नशा रोकथाम, जागरूकता, परामर्श, पुनर्वास तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम कर रहे अन्य संगठनों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यशाला के दौरान विशेष रूप से युवाओं में नशे की रोकथाम, जागरूकता और प्रारंभिक हस्तक्षेप, उपचार एवं परामर्श सेवाओं को मजबूत करने, पुनर्वास तथा नशे से प्रभावित व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्स्थापन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने इन क्षेत्रों में सामने आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधान पर भी विचार साझा किए।
विभिन्न विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव, मौजूदा पहलों और जमीनी स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों को साझा किया। NAPDDR के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अंतर-विभागीय समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और समन्वित कार्रवाई को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला के समापन पर सभी हितधारकों ने नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने तथा इस लड़ाई को सतत जन-सामाजिक आंदोलन में बदलने की प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास करना है।
कार्यशाला के अंत में जिला कल्याण अधिकारी, कांगड़ा साहिल मंडला ने उपायुक्त कांगड़ा, एसडीएम धर्मशाला, सभी प्रतिभागी विभागों के प्रतिनिधियों, Gunjan Organisation, ब्रह्माकुमारी संस्था, NGOs और अन्य हितधारकों का सक्रिय सहभागिता, महत्वपूर्ण सुझावों और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया।



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