Kangra: वर्षों की समस्या का समाधान, राधाष्टमी पर बदली डल झील की तस्वीर; विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रयासों से रिसाव पर लगी रोक

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शाहपुर। भतल्ला पंचायत में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की डल झील के संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। वर्षों से पानी के लगातार रिसाव के कारण झील के सूखने की समस्या बनी हुई थी। इससे झील में पल रही हजारों मछलियों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता था। पानी के रिसाव को रोकने के लिए विभाग और प्रशासन पहले भी कई प्रयास कर चुके थे और करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया था।

शाहपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान के प्रयास शुरू किए। उन्होंने धर्मशाला में लेकमैन को बुलाकर डल झील की स्थिति से अवगत करवाया और समस्या के तकनीकी समाधान पर चर्चा की। लेकमैन की ओर से सुझाए गए समाधान को विधायक ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष रखा। इसके बाद प्रदेश सरकार ने आवश्यक धनराशि स्वीकृत की।

सरकार से धनराशि मिलने के बाद उपमंडल अधिकारी धर्मशाला मोहित रत्न और खंड विकास अधिकारी धर्मशाला अभिनीत के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों ने काम शुरू किया। लगातार किए गए प्रयासों के बाद अब डल झील में पानी के रिसाव को रोकने में सफलता मिली है।

राधाष्टमी के पावन अवसर पर डल झील का स्वरूप पहले से कहीं अधिक सुंदर और आकर्षक नजर आया। लंबे समय से चली आ रही रिसाव की समस्या के समाधान के बाद स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

डल झील सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है। झील के संरक्षण से आने वाले समय में यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन और पर्यटन की दृष्टि से नई संभावनाओं का केंद्र बन सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार जब डल झील में पानी नहीं टिकता था और झील सूखने लगती थी, तब इसकी शिकायतें लगातार विधायक केवल सिंह पठानिया तक पहुंचती थीं। विधायक ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों और सरकार के सामने इस मुद्दे को लगातार उठाया और समाधान के लिए प्रयास जारी रखे।

अब जब डल झील में पानी के रिसाव की समस्या का समाधान हो गया है, तो इसे विधायक केवल सिंह पठानिया की दृढ़ इच्छाशक्ति, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सहयोग तथा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि डल झील शाहपुर ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर है। इसका संरक्षण और सौंदर्यीकरण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डल झील को और विकसित कर इसे धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

डल झील का संरक्षण शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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