नादौन के साथ सटे ज्वालामुखी क्षेत्र के अपर घलौर निवासी जांबाज सैनिक रितेश शर्मा को आतंकवादियों के खिलाफ बहादुरी और अदम्य साहस के लिए भारत सरकार राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगी। रितेश शर्मा एक्स सूबेदार ओम प्रकाश शर्मा के पुत्र हैं। इस सम्मान की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र और परिवार में खुशी की लहर है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में रितेश शर्मा को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। परिवार और क्षेत्र के लोगों ने रितेश की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है।
रितेश के पिता ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा वर्ष 2017 से 2022 तक पांच साल कश्मीर घाटी में तैनात रहा। इस दौरान रितेश ने पांच अलग-अलग ऑपरेशनों में आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी बहादुरी और अदम्य साहस का परिचय दिया। ये ऑपरेशन बेहद दुर्गम स्थानों और विषम परिस्थितियों में चलाए गए थे।
सेवा के दौरान रितेश ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साहस, वीरता और देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। पिता ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि उन्हें अपने बहादुर बेटे की उपलब्धि पर गर्व है।
माता सुदेश, पत्नी अंजलि, भाई अरुण सहित शशि, राकेश शर्मा, रितु, अंकुश, रेणु, रत्न चंद, भरत चंद, विपिन और वेद प्रकाश आदि ने भी रितेश की उपलब्धि पर खुशी जताई। परिवार के सदस्यों ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित अन्य नेताओं ने भी रितेश शर्मा को बधाई दी है।
रितेश शर्मा के अनुसार, वह वर्तमान में फिर से श्रीनगर में हवलदार के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में एसएसबी की मेडिकल कोर में भर्ती होकर अपनी सेवा शुरू की थी। कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा ने अब उन्हें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार का गौरव दिलाया है।




For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


