हिमाचल प्रदेश में मंगलवार शाम लगातार दो भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। महज 45 मिनट के भीतर राज्य के दो पड़ोसी जिलों चंबा और कांगड़ा में धरती कांप उठी। दोनों भूकंपों का केंद्र जमीन से केवल 5 किलोमीटर नीचे था, जिसके कारण कई इलाकों में झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के बाद लोग एहतियात के तौर पर घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।
शाम 6:54 बजे चंबा में कांपी धरती
भूकंप विज्ञान केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मंगलवार शाम 6 बजकर 54 मिनट और 47 सेकेंड पर चंबा जिले में भूकंप का पहला झटका दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। भूकंप का मुख्य केंद्र चंबा क्षेत्र के भीतर जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
45 मिनट बाद कांगड़ा में आया 4.0 तीव्रता का भूकंप
चंबा में आए भूकंप के महज 45 मिनट बाद कांगड़ा जिले में भी धरती हिल उठी। शाम 7 बजकर 40 मिनट और 02 सेकेंड पर कांगड़ा में भूकंप दर्ज किया गया। यह झटका चंबा में आए भूकंप से अधिक तेज था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई। इसकी गहराई भी जमीन से 5 किलोमीटर नीचे थी।
जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं, प्रशासन अलर्ट
भूकंप की गहराई कम होने के कारण दोनों जिलों के कई हिस्सों में झटके महसूस किए गए। लगातार दो भूकंप आने से लोगों में घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक चंबा या कांगड़ा के किसी भी हिस्से से जानमाल के नुकसान या संपत्तियों को भारी क्षति पहुंचने की कोई सूचना नहीं है।
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील सिस्मिक जोन-5 में आते हैं, जहां समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज होती रहती हैं।




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