विधवा-अनाथों के नाम पर नया सेस लगाने से पहले पुराने सेस का हिसाब दे सरकार, सत्येंद्र गौतम ने उठाए सवाल

Date:

--Advertisement--

हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर “Orphan and Widow Cess” लगाने के फैसले पर किसान मोर्चा के जिला महासचिव सत्येंद्र गौतम ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण का उद्देश्य निश्चित रूप से संवेदनशील है, लेकिन नया सेस लगाने से पहले सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि पहले से अलग-अलग नामों पर वसूले जा रहे सेस से कितना धन एकत्र हुआ और उसमें से कितना वास्तव में संबंधित लोगों तक पहुंचा।

Advertisement

सत्येंद्र गौतम ने कहा कि CAG की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल सरकार ने विभिन्न सेस के माध्यम से 210 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। इनमें अकेले Milk Cess से 142 करोड़ रुपये और प्राकृतिक खेती सेस से 25 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि CAG ने यह भी उल्लेख किया है कि इन सेस के लिए Public Account में अलग Fund नहीं बनाए जाने के कारण इनके इस्तेमाल की प्रभावी निगरानी नहीं हो सकी।

Advertisement

गौतम ने कहा कि अब सरकार ने विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए नया सेस लगाया है। ऐसे में सरकार को पहले से एकत्र किए गए प्रत्येक सेस के संबंध में जनता के सामने पूरी जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार बताए कि अब तक कुल कितना धन एकत्र हुआ है, किस सेस से कितनी राशि मिली और यह पैसा किस खाते या Fund में जमा है।

Also Read: हिमाचल में आधी रात से पेट्रोल-डीजल महंगा, हर लीटर पर लगा 60 पैसे का नया सेस; जानें अब कितनी हुई कीमत

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब तक किस योजना पर कितनी राशि खर्च की गई और कितने किसानों, दूध उत्पादकों, गौ संरक्षण संस्थाओं, विधवाओं और बच्चों को कितना लाभ मिला। साथ ही सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कितना धन अभी खर्च होना बाकी है।

Advertisement

सत्येंद्र गौतम ने कहा कि गरीब विधवाओं और अनाथ बच्चों के नाम पर जनता पर आर्थिक बोझ डालना तभी सार्थक होगा, जब एकत्रित धन का पूरा लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल सेस लगाने की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसके इस्तेमाल को लेकर पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी चाहिए।

गौतम ने कहा, “जनता सरकार से किसी योजना का विरोध नहीं कर रही है, जनता केवल अपने पैसे का हिसाब मांग रही है। नया सेस लगाने से पहले पुराने सेस का हिसाब और आगे लगाए गए सेस का पारदर्शी लेखा-जोखा दोनों जनता के सामने होना चाहिए।”

Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

हिमाचल में 32 दिन बाद आज फिर गुलजार होंगे ग्रीष्मकालीन स्कूल, पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी पर रहेगा फोकस

हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूल करीब 32 दिन के लंबे मानसून अवकाश के बाद आज फिर खुलेंगे। कक्षाएं शुरू होने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई, छूटे पाठ्यक्रम की दोहराई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष फोकस रहेगा।

नालागढ़ में कबाड़ कारोबारी पर दिनदहाड़े फायरिंग की कोशिश नाकाम, पिस्टल नहीं चली तो भागे बदमाश; आधे घंटे में दबोचे

नालागढ़ के नंगल में कबाड़ कारोबारी पर दिनदहाड़े फायरिंग की कोशिश नाकाम हो गई। पिस्टल से तीन बार गोली नहीं चली, जिसके बाद आरोपी फरार हुए, लेकिन पुलिस ने महज आधे घंटे में दोनों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

आईआईटी इंदौर में HPU की शोध छात्रा रिया चंदेल का कमाल, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हासिल किया दूसरा पुरस्कार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की शोध छात्रा रिया चंदेल ने आईआईटी इंदौर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन EnRISE 2026 में द्वितीय पुरस्कार हासिल किया। माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए पर्यावरण-अनुकूल बैक्टीरिया के उपयोग पर उनके शोध को वैज्ञानिकों ने सराहा।

सिरमौर में दर्दनाक हादसा: भरभराकर गिरा रिहायशी मकान, मां-बेटी की मौत; दो मासूम बच्चियां घायल

सिरमौर के राजगढ़ के छिछड़ियां गांव में रिहायशी मकान अचानक गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि दो दो वर्षीय बच्चियां घायल हो गईं। प्रशासन ने मृतकों के परिवार को राहत राशि दी और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।