Kangra: 68 साल का इंतजार खत्म! रैत विकास खंड कार्यालय को मिला अपना नया घर, 5.36 करोड़ से बन रहा आधुनिक भवन

Date:

--Advertisement--

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के रैत विकास खंड कार्यालय के लिए वर्षों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। वर्ष 1958 में स्थापित इस कार्यालय ने दशकों तक ग्रामीण विकास की अनेक योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया, लेकिन विडंबना यह रही कि इतने महत्वपूर्ण कार्यालय के पास अपना भवन तो था, पर उसकी भूमि विभाग के नाम दर्ज नहीं थी। अब करीब 68 वर्षों बाद यह स्थिति बदल गई है और 5.36 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है।

Advertisement

रैत विकास खंड कार्यालय लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, ग्रामीण सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, सिंचाई कूल्हों और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन का प्रमुख केंद्र रहा है। इसके बावजूद भूमि विभाग के नाम दर्ज न होने के कारण कार्यालय के विकास से जुड़े कई कार्य वर्षों तक प्रभावित रहे।

इस दिशा में बदलाव तब शुरू हुआ, जब प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ को प्राथमिकता दी। शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले रैत विकास खंड कार्यालय की भूमि से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करवाने का निर्णय लिया।

Advertisement

लंबी राजस्व और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद विकास खंड कार्यालय की भूमि विधिवत ग्रामीण विकास विभाग के नाम दर्ज हुई। इसके बाद आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए भवन की योजना तैयार की गई और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से 5.36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस भवन का शिलान्यास भी किया और वर्तमान में इसका निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

भूतल, प्रथम और द्वितीय तल वाले इस आधुनिक भवन को प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। भवन तैयार होने के बाद कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जबकि दूर-दराज़ के गांवों से आने वाले लोगों को एक ही परिसर में अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक तरीके से सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

Advertisement

यह परियोजना केवल एक नए भवन के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस प्रशासनिक विसंगति के अंत का प्रतीक भी है, जिसमें ग्रामीण विकास का प्रमुख कार्यालय स्वयं आधारभूत सुविधाओं से वंचित था। पहले भूमि को विभाग के नाम दर्ज कराना और फिर उसी स्थान पर आधुनिक भवन का निर्माण शुरू करना इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक सुधार छोटे लेकिन महत्वपूर्ण फैसलों से भी संभव होते हैं।

भवन के पूरा होने के बाद यह रैत विकास खंड कार्यालय की नई पहचान बनेगा। साथ ही शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण विकास, प्रशासनिक सुधार और बेहतर जनसेवा की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जाएगा।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

NEET UG 2026: कुल्लू की बेटी संस्कृति नेगी ने किया कमाल! 586 अंक हासिल कर ST श्रेणी में AIR 110 पाई

कुल्लू जिले के रायसन की संस्कृति नेगी ने NEET UG 2026 में 586 अंक प्राप्त कर अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी में अखिल भारतीय 110वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से पूरे कुल्लू और हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है।

सुक्खू सरकार पर BJP युवा मोर्चा का बड़ा हमला! रोजगार को लेकर अरुण कौशल ने लगाए गंभीर आरोप

भाजपा युवा मोर्चा कांगड़ा के जिला महामंत्री अरुण कौशल ने प्रदेश सरकार पर युवाओं को रोजगार के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनावी वादों के बावजूद बड़ी संख्या में युवा अब भी रोजगार का इंतजार कर रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए।

Manimahesh Yatra 2026: 1 अगस्त से शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण, जानें कब से शुरू होगी यात्रा और क्या हैं नए नियम

विश्वप्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 2026 का आयोजन 25 अगस्त से 19 सितंबर तक होगा। इस बार पहली बार 1 अगस्त से ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। यात्रा के दौरान हेलिटैक्सी सेवा, ड्रोन निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी।

HPBOSE Exam 2027: हिमाचल बोर्ड परीक्षा में होगा बड़ा बदलाव! अब हर पेपर में आएंगे केस स्टडी आधारित प्रश्न, जानें नई व्यवस्था

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2027 से बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत हर प्रश्नपत्र में दो केस स्टडी आधारित प्रश्न शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों की तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता और विषय की समझ का बेहतर आकलन करना है।