धर्मशाला, 16 जुलाई। कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। वर्षों से सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रह रहे परिवारों को अब विस्थापन की स्थिति में खाली हाथ नहीं जाना पड़ेगा। सरकार ने ऐसे लोगों के मकानों और अन्य निर्माण ढांचों का मुआवजा देने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत करीब 68 करोड़ रुपये भवन मुआवजे के रूप में वितरित किए जाएंगे। यह निर्णय उन सैकड़ों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका एयरपोर्ट विस्तार के चलते विस्थापन तय है।

सरकार इससे पहले प्रभावित परिवारों को उनकी निजी भूमि के अधिग्रहण का मुआवजा जारी कर चुकी है। अब नया फैसला उन लोगों के लिए है, जिनके मकान या अन्य निर्माण सरकारी भूमि पर बने हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 68 करोड़ रुपये केवल भवनों और निर्माण ढांचों के मुआवजे के लिए हैं। इसमें सरकारी भूमि का कोई मूल्य शामिल नहीं होगा।
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना की जद में शाहपुर और कांगड़ा विधानसभा क्षेत्रों के 14 राजस्व गांव आ रहे हैं। इस परियोजना से 942 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इनमें कई ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जो वर्षों से सरकारी भूमि पर रह रहे थे और उन्हें मुआवजा मिलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। सरकार के इस फैसले के बाद अब ऐसे परिवारों को भी राहत मिलेगी। हाल ही में मांझी खड्ड पर बनने वाले पुल को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर मंथन शुरू हो चुका है।

उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सरकारी भूमि पर वर्षों से रह रहे परिवारों के मकानों का मुआवजा देने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि करीब 68 करोड़ रुपये भवन मुआवजे के रूप में वितरित किए जाएंगे। साथ ही पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) के तहत सात मुहालों में मुआवजा जारी किया जा चुका है।
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। अधिग्रहित भूमि पर मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। जुगेहड़, भड़ोत, रछियालू और कियोडियां जैसे राजस्व मुहालों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन जमीनों का इंतकाल हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग के नाम दर्ज हो चुका है। वहीं सनौरा, ढुगियारी खास और भेड़ी मुहालों की जमीन का इंतकाल भी जल्द सरकार के नाम होने वाला है।

प्रशासन ने आगे की कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। योजना के अनुसार, बरसात समाप्त होते ही सरकार के नाम दर्ज हो चुकी अधिग्रहित भूमि पर फेंसिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट विस्तारीकरण के निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। अन्य प्रभावित मुहालों में भी नियमानुसार प्रक्रिया जारी है।
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