Himachal: विधायकों का वोट फिर से मान्य! सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से हिमाचल के नगर निकाय चुनावों में बदल सकता है पूरा खेल

Date:

--Advertisement--

हिमाचल प्रदेश के नगर निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के आगामी चुनावों से पहले राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए स्थानीय विधायकों के मतदान अधिकार को बहाल कर दिया है। इस फैसले के बाद उन नगर निकायों में चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं, जहां किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है या मुकाबला बेहद करीबी है।

सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश का सबसे अधिक असर उन क्षेत्रों में देखने को मिलेगा, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर बहुत कम है। ऐसे मामलों में संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक का एक वोट अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। पहले से जारी राजनीतिक खींचतान के बीच इस फैसले ने दोनों प्रमुख दलों को अपनी रणनीति पर दोबारा काम करने के लिए मजबूर कर दिया है।

Advertisement

मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो राज्य सरकार ने 26 जुलाई 2023 को एक अधिसूचना जारी कर विधायकों को नगर निकायों के शीर्ष पदों के चुनाव में मतदान का अधिकार दिया था। हालांकि, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी, जिससे अंतिम निर्णय आने तक विधायकों के मतदान का रास्ता साफ हो गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि कानून और अधिसूचना के तहत विधायकों को यह अधिकार देना पूरी तरह संवैधानिक और उचित है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि स्थानीय निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव केवल निर्वाचित पार्षदों के अधिकार क्षेत्र में होना चाहिए। मामले से जुड़े अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर का कहना है कि कई नगर निकायों में पार्षदों की संख्या बराबर होती है या अंतर बेहद कम होता है, ऐसे में विधायक का एक वोट सीधे चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। उनका मानना है कि इन पदों के चुनाव में मतदान का अधिकार केवल पार्षदों तक सीमित रहना चाहिए।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kangra: हिमाचल के आयुष ने हाई जंप में रचा इतिहास, 1.83 मीटर की छलांग से तोड़ा राज्य रिकॉर्ड; अब करनाल में दिखाएंगे दम

67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हमीरपुर नहीं, बल्कि कांगड़ा के कोटला स्कूल के आयुष ने 1.83 मीटर की छलांग लगाकर हाई जंप का राज्य रिकॉर्ड तोड़ दिया। साहिल ने ट्रिपल जंप में गोल्ड मेडल जीता। अब दोनों खिलाड़ी करनाल में होने वाली प्रतियोगिता में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

Chester Hills के खिलाफ RERA में शिकायत वापस, ऑनलाइन और कागजी दस्तावेजों में मिली गड़बड़ी; अब नए सिरे से होगी कार्रवाई?

चेस्टर हिल्स के खिलाफ हिमाचल रेरा में चल रही शिकायत शिकायतकर्ता ने वापस ले ली है। ऑनलाइन आवेदन और कागजी दस्तावेजों में विसंगतियां मिलने के बाद रेरा की दो सदस्यीय पीठ ने शिकायत वापस लेने की अनुमति दी। अब शिकायतकर्ता जरूरी दस्तावेजों के साथ नए सिरे से याचिका दायर कर सकता है।

ऊना के बल्क ड्रग पार्क की धीमी रफ्तार पर PM मोदी नाराज, 30 दिन में जमीन ट्रांसफर का अल्टीमेटम; 2028 तक खिंच सकता है...

ऊना के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क की धीमी प्रगति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी जताई है। पीएम ने 30 दिन में भूमि हस्तांतरण और परियोजना से जुड़े अन्य कार्यों के संशोधित लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए हैं। मार्च 2027 तक पूरा होने वाला प्रोजेक्ट अब 2028 तक खिंचने के आसार हैं।

Himachal: हमीरपुर के छात्र को 3.5 करोड़ की ग्रांट का झांसा देकर ठगी! सरकारी जांच में खुला राज, पुलिस ने दर्ज की FIR

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सर्वेश शर्मा को 3.5 करोड़ रुपये की सरकारी ग्रांट मंजूर होने का झांसा देने का मामला सामने आया है। रक्षा नवाचार संगठन ने ग्रांट मंजूर होने से इनकार किया है। प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।