मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के गरली गांव के लिए यह गर्व और सम्मान का क्षण है। गांव के होनहार युवा लक्षय ठाकुर ने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से अपना कठिन सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर 13 जून को भारतीय सेना में अधिकारी (लेफ्टिनेंट) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
लक्षय ठाकुर की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उनके परिवार में देश सेवा की परंपरा लगातार तीसरी पीढ़ी तक पहुंच चुकी है। उनके दादा स्वर्गीय इन्द्र सिंह ठाकुर भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे, जबकि उनके पिता सूबेदार मेजर कृष्ण देव ठाकुर (2 डोगरा) वर्तमान में 3 झारखंड बटालियन एनसीसी में सेवाएं दे रहे हैं। इस तरह परिवार की लगातार तीन पीढ़ियां सेना से जुड़कर राष्ट्र सेवा का उदाहरण पेश कर रही हैं।
कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर लक्षय ठाकुर ने 2 डोगरा रेजिमेंट से आर्मी कैडेट कॉलेज कमीशन प्राप्त किया। भारतीय सैन्य अकादमी से पासिंग आउट के बाद उन्हें 14 राजपूत रेजिमेंट में कमीशन मिला है। उनकी पहली तैनाती देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लेह-गलवान घाटी क्षेत्र में हुई है, जहां वह भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
पासिंग आउट परेड के दौरान भावुक पल तब देखने को मिला जब उनकी माता रीता देवी और पिता सूबेदार मेजर कृष्ण देव ठाकुर ने उनके कंधों पर अधिकारी बनने के सितारे सजाए। लक्षय ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा चंडीगढ़ से प्राप्त की है, जबकि उनकी छोटी बहन भी वर्तमान में वहीं पढ़ाई कर रही हैं।
लक्षय ठाकुर की इस उपलब्धि पर पूरे धर्मपुर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं युवा नेता रजत ठाकुर सहित परिवार के सदस्य संगारा सिंह, रोशन लाल, ब्यासा देवी और कमला रानी तथा क्षेत्र के लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उनकी सफलता को हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
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