हिमाचल प्रदेश के सल्लेवाल क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां से होकर गुजरने वाली चिकनी नदी में कथित रूप से प्रदूषित पानी छोड़े जाने के बाद बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते दिन हुई बारिश के दौरान एक उद्योग द्वारा कैमिकल युक्त पानी नदी में छोड़ा गया। इसके चलते नदी के पानी का रंग अचानक बदल गया और उसमें से तेज दुर्गंध आने लगी। कुछ ही समय में मछलियां तड़प-तड़प कर मरने लगीं और नदी की सतह पर मृत मछलियों का ढेर लग गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक दवा निर्माण कंपनी ने बारिश का फायदा उठाकर जहरीला पानी नदी में बहाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। लोगों ने संबंधित विभागों की लापरवाही और उद्योगों की मनमानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने नदी में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले में मत्स्य विभाग नालागढ़ के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि मछलियों के मरने की सूचना मिली थी और वे काफी समय पहले मर चुकी थीं। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी के सैंपल एकत्रित कर लिए हैं और जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड बद्दी के एक्सियन अतुल परमार ने कहा कि सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
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