Big Education Update: हिमाचल में CBSE vs HP Board का नया फॉर्मूला, स्कूल मर्जर रद्द कर सरकार का बड़ा फैसला

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हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब यह तय करने का अंतिम अधिकार स्कूल शिक्षा निदेशक के पास होगा कि किस स्कूल भवन में CBSE बोर्ड लागू होगा और कहां हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत पढ़ाई जारी रहेगी। इसके लिए संबंधित स्कूलों के भवन, आधारभूत ढांचे और अन्य जरूरी सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

राज्य सरकार ने हाल ही में चार प्रमुख स्कूलों के मर्जर को रद्द करते हुए निदेशक को यह निर्णय लेने की छूट दी है। इस फैसले के बाद छात्रों को एक ही क्षेत्र में दोनों बोर्डों का विकल्प मिलेगा। सरकार ने 18 फरवरी 2026 की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा के स्कूलों को एकीकृत करने का फैसला वापस ले लिया है।

पहले इन क्षेत्रों में लड़कों और लड़कियों के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को मिलाकर को-एजुकेशनल स्कूल बनाने की योजना थी, लेकिन अब यह लागू नहीं होगा। नए आदेश के अनुसार सभी स्कूल अलग-अलग ही चलेंगे, हालांकि वे सह-शिक्षा के रूप में संचालित होंगे। इनमें से एक स्कूल को CBSE से जोड़ा जाएगा, जबकि दूसरा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत रहेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि CBSE से संबद्ध स्कूल को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में चलाया जाएगा, जबकि HP बोर्ड से जुड़े स्कूल हाई स्कूल के रूप में संचालित होंगे।

शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को अलग इकाइयों में बांटकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। आदेशों के अनुसार अब हर स्कूल का नाम, बोर्ड संबद्धता और परिसर तय कर दिया गया है। धर्मशाला में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (CBSE) को गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में राजकीय हाई स्कूल परिसर में चलाया जाएगा, जबकि ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल (HP बोर्ड) अलग से कार्य करेगा।

देहरा में पीएम श्री मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (CBSE) को राजकीय हाई स्कूल परिसर दिया गया है, जबकि अन्य स्कूल HP बोर्ड के तहत अलग इकाइयों के रूप में संचालित होंगे। नूरपुर और सरकाघाट में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है, जहां CBSE और HP बोर्ड के स्कूल अलग-अलग संचालित होंगे।

शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के नामों का पुनर्निर्धारण और डिस्प्ले तुरंत किया जाए। साथ ही शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों का पुनर्वितरण भी जल्द पूरा करने को कहा गया है।

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