हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 और 102 एम्बुलैंस सेवाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। राज्य स्तरीय एम्बुलैंस कॉन्ट्रैक्ट यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है और 5 अप्रैल, रविवार को शाम 8 बजे से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यह हड़ताल 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी, जिससे राज्यभर में एमरजेंसी सेवाओं पर गहरा असर पड़ सकता है।
यूनियन के अध्यक्ष सुनील दत्त और महासचिव बालक राम ने बताया कि इस कदम के पीछे मजबूरी है। कंपनी द्वारा लगभग 50 कर्मचारियों को बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से निकाल दिया गया है, जबकि लंबे समय से कर्मचारियों के वेतन में हो रही विसंगतियों को भी नहीं सुधारा गया। इसके अलावा कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर मानसिक और प्रशासनिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार 14 दिन पहले ही सरकार और प्रबंधन को हड़ताल का नोटिस दे दिया था, लेकिन कोई पहल नहीं की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व अनुभवों के आधार पर यह हड़ताल आम जनता के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकती है। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में 108 एम्बुलेंस सेवा ही जीवनरेखा मानी जाती है। इस हड़ताल के दौरान मरीजों को निजी वाहन या अन्य सरकारी साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो अक्सर समय पर उपलब्ध नहीं होते। अब यह देखने वाली बात है कि क्या सरकार समय रहते हस्तक्षेप कर इस संकट को टाल पाएगी या प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं अस्थायी रूप से ठप हो जाएंगी।
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