हिमाचल प्रदेश के इंदौरा वन क्षेत्र में अवैध कटान को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक ओर उच्च अधिकारी जंगलों की सुरक्षा के नाम पर वैध खैर कटान तक पर रोक लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। मलोट वन बीट में खुलेआम हरे-भरे खैर के पेड़ों को काटे जाने के आरोप सामने आए हैं, और सबसे हैरानी की बात यह है कि इसमें वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत भी बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मलोट क्षेत्र में करीब एक दर्जन खैर के पेड़ों को काटकर तस्करी की गई है। आरोप है कि ऊपर बैठे अधिकारियों को सब कुछ सामान्य होने का भरोसा दिया जा रहा है, जबकि अंदरखाने जंगलों को नुकसान पहुंचाकर अवैध कमाई का खेल जारी है।
स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ वन रक्षक शाम के समय कथित तस्करों के साथ बैठकों में शामिल होते हैं। शराब की महफिलों के बाद रात के अंधेरे में पेड़ों की कटाई की जाती है। यानी जिन पर जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही लोग इस पूरे खेल में शामिल बताए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति इस अवैध गतिविधि के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सवाल पूछने पर बदतमीजी की जाती है और डराने-धमकाने की कोशिश होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर कौन लोग हैं जो इस अवैध कटान में सहयोग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब एक पत्रकार ने इस विषय पर सवाल उठाने की कोशिश की। उसे भी कथित तौर पर अभद्र भाषा और धमकियों का सामना करना पड़ा। हालांकि पत्रकार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवा दी है।
बताया जा रहा है कि आरओ अब्दुल हमीद के कार्यभार संभालने के बाद गश्त बढ़ाई गई है और कुछ हद तक अवैध कटान पर रोक भी लगी है। इसके बावजूद निचले स्तर पर कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मलोट क्षेत्र में यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इंदपुर, बलीर, राजा खासा, चोचर, डमटाल, डैंकवां, टक्कू वाली माता मंदिर क्षेत्र, जनेरा, थाथ और ध्याला जैसे इलाकों में भी अवैध कटान का जाल फैला हुआ है। ऐसे में यह चिंता और बढ़ जाती है कि अगर जंगलों की रक्षा करने वाले ही उन पर आरी चलाने लगें, तो पर्यावरण संरक्षण की बात केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी।
वहीं, इस मामले पर वन मंडल अधिकारी नूरपुर संदीप कोहली का कहना है कि मलोट में अवैध कटान की सूचना उन्हें सुबह ही मिली है। उन्होंने तुरंत टीम को मौके पर भेजकर जांच के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह का अवैध कटान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!