हिमाचल प्रदेश की सियासत इन दिनों सिर्फ सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि विधानसभा की रसोई तक भी गरमा गई है। शिमला में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अचानक आई कमी ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जो आज के दौर में कम ही देखने को मिलती है। अब विधायकों के लिए खाना गैस पर नहीं, बल्कि लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है।
विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, लेकिन इस बार व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर में कमर्शियल गैस की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि कैटरिंग संभाल रहे रसोइयों के पास लकड़ियां जलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। सत्र के दौरान सैकड़ों लोगों के लिए भोजन पारंपरिक तरीके से तैयार किया जा रहा है।
शिमला के प्रतिष्ठित होटल हॉलीडे होम और पीटरहॉफ, जो विधानसभा के खान-पान की जिम्मेदारी संभालते हैं, वहां इन दिनों गैस की जगह लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल हो रहा है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण निगम को बड़ी मात्रा में लकड़ियां खरीदनी पड़ी हैं। रसोइयों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में खाना लकड़ी पर बनाना चुनौतीपूर्ण है और इसमें समय, मेहनत और लागत तीनों ज्यादा लग रही हैं।
बजट सत्र का यह चरण 2 अप्रैल तक चलेगा। अगर शहर में कमर्शियल गैस की सप्लाई जल्द बहाल नहीं होती, तो पूरे सत्र के दौरान विधायकों को लकड़ी के चूल्हे पर बने भोजन का ही स्वाद चखना पड़ सकता है।
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